
अंबिकापुर: सरगुजा जिले में गरबा के अवसर पर आयोजित होने वाला गरबा महोत्सव विवादों में घिर गया। इस कार्यक्रम में यूट्यूबर एल्विश यादव और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजली अरोड़ा को आमंत्रित किया गया था, लेकिन हिंदू संगठनों के विरोध के बाद होटल प्रबंधन ने आयोजन को रद्द कर दिया।
संगठनों ने जताया विरोध
जैसे ही दोनों कलाकारों के शामिल होने की खबर सामने आई, कई संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि एल्विश यादव और अंजली अरोड़ा विवादित गतिविधियों और अश्लील सामग्री के लिए जाने जाते हैं। धार्मिक महत्व वाले गरबा जैसे आयोजन में उनकी मौजूदगी से श्रद्धालुओं की भावना आहत हो सकती है। विरोध दर्ज कराने के लिए संगठन के सदस्यों ने होटल पर्पल ऑर्किड और सरगांव रिसॉर्ट के बाहर नारेबाजी की और पोस्टर जलाए।
होटल प्रबंधन ने रद्द किया कार्यक्रम
बढ़ते विवाद को देखते हुए होटल पर्पल ऑर्किड के संचालक मुकेश अग्रवाल ने साफ किया कि अब एल्विश यादव और अंजली अरोड़ा का कार्यक्रम अंबिकापुर में नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते विरोध से माहौल बिगड़ रहा था, इसलिए आयोजन रद्द करना ही उचित कदम है।
पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने होटल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। सीएसपी अंबिकापुर ने बताया कि पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
ज्ञापन सौंपकर की गई मांग
हिंदू संगठनों ने सरगुजा कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि धार्मिक आयोजनों में ऐसे कलाकारों को जगह न दी जाए, जिनकी छवि विवादों से जुड़ी हो। उनका कहना था कि गरबा महोत्सव आस्था और भक्ति का पर्व है, इसमें अश्लीलता फैलाने वाले चेहरों को मंच नहीं मिलना चाहिए।
आयोजकों का स्पष्टीकरण
पूरे घटनाक्रम के बाद आयोजकों ने कहा कि आगे होने वाले गरबा महोत्सव में धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों का ध्यान रखा जाएगा। विवादित चेहरों को मंच पर जगह नहीं दी जाएगी और आयोजन केवल भक्ति और संस्कृति पर केंद्रित रहेगा।



