
CG Bakrid Namaz Waqf Board Guidelines: छत्तीसगढ़ में आज ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार अकीदत और पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही राज्य के विभिन्न जिलों में नमाज अदा करने का सिलसिला शुरू हो गया। राजधानी रायपुर की बड़ी ईदगाह में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाइयों ने एक साथ नमाज अदा की और मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी। वहीं, रायगढ़ के घड़ी चौक स्थित कदमी ईदगाह में भी नमाज के बाद लोगों ने पारंपरिक रूप से गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। इस बार त्योहार के दौरान सामाजिक सौहार्द, कानून व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए राज्य वक्फ बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं।
वक्फ बोर्ड ने जारी किए कड़े दिशा-निर्देश, नियम तोड़ने पर लगेगा 50 हजार का जुर्माना
त्योहार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने पूरे प्रदेश के लिए एक सख्त नियमावली जारी की है। इन नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी स्थानीय ईदगाह और मस्जिद कमेटियों को सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई भी व्यक्ति या प्रबंधकीय कमेटी वक्फ बोर्ड द्वारा तय किए गए सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो उस पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर कुर्बानी प्रतिबंधित, केवल चिन्हित जगहों पर मिलेगी इजाजत
वक्फ बोर्ड ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक रास्तों, सड़कों, खुले मैदानों या आम रिहायशी इलाकों में कुर्बानी देने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी। यह कदम अन्य समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और शहरी अंचलों में साफ-सफाई बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। कुर्बानी की रस्म केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस (बूचड़खानों) या निजी परिसरों की चारदीवारी के भीतर ही संपन्न की जा सकेगी। इसके साथ ही नगर निगम की विशेष स्वच्छता टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि अपशिष्ट पदार्थों का समय पर निपटारा किया जा सके।

सड़कों पर नमाज पढ़ने की प्रथा खत्म, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शिफ्ट में हो रहा आयोजन
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सड़कों पर नमाज पढ़ने की व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। डॉ. सलीम राज ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि वर्तमान में जारी दिशा-निर्देशों का जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत पालन हो रहा है। अत्यधिक भीड़ वाली ईदगाहों में अब नमाज अलग-अलग पालियों (शिफ्टों) में आयोजित की जा रही है, ताकि यातायात बाधित न हो। इस अनुशासित कदम की वजह से सुबह के समय कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति निर्मित नहीं हुई।

कानफोड़ू डीजे और आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध, पुलिस और निगम की संयुक्त टीम रखेगी नजर
त्योहार के उल्लास में ध्वनि प्रदूषण और अशांति को रोकने के लिए प्रशासन ने डीजे और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर पूरी तरह रोक लगा दी है। निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाने वालों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन और नगर निगम के उड़नदस्ते संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड देश का ऐसा पहला बोर्ड बन गया है, जिसने अपने स्तर पर धार्मिक आयोजनों में डीजे बजाने, सड़कों पर नमाज पढ़ने और आतिशबाजी करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई है।
रायगढ़ के बाजारों में बकरों की भारी मांग, पंजाब की बीटल नस्ल के बकरे बने मुख्य आकर्षण
रायगढ़ जिले में बकरीद को लेकर समाज के लोगों में पिछले एक महीने से तैयारियां चल रही थीं। स्थानीय बकरा मंडियों में इस बार खरीदारों की भारी भीड़ देखी गई। बाजार में सामान्य बकरों के अलावा बाहरी राज्यों से मंगाए गए विशेष नस्ल के बकरों की भारी मांग रही। विशेष रूप से पंजाब से मंगाए गए भारी-भरकम ‘बीतल’ नस्ल के बकरे और ओडिशा के सीमावर्ती जिलों से आए बकरे इस बार आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्हें देखने और खरीदने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचे।

डेढ़ लाख रुपये तक में बिके बकरे, 20 से 30 हजार वाले बकरों की भी हुई रिकॉर्ड बिक्री
इस साल रायगढ़ के बाजारों में बकरों की कीमतों में काफी उछाल देखा गया। संपन्न परिवारों द्वारा कुर्बानी के लिए एक से डेढ़ लाख रुपये तक की ऊंची कीमतों पर बकरे खरीदे गए हैं। वहीं, मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट को ध्यान में रखते हुए बाजार में 20 हजार से 30 हजार रुपये तक की रेंज के बकरे भी बड़ी संख्या में उपलब्ध थे, जिनकी रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है। व्यापारियों का कहना है कि परिवहन खर्च बढ़ने के बावजूद इस बार मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।
कमेटियों की जवाबदेही तय, नियमों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने साफ किया है कि इन सभी गाइडलाइंस का पालन कराने की प्राथमिक जिम्मेदारी स्थानीय इंतजामिया कमेटियों की है। यदि किसी क्षेत्र में लापरवाही की वजह से गंदगी फैलती है या नियमों की अनदेखी होती है, तो संबंधित कमेटी को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। प्रशासन ने सभी मस्जिदों के इमामों से भी अपील की है कि वे खुतबे के दौरान लोगों को स्वच्छता और शांति बनाए रखने का संदेश दें। राज्य में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि सभी नागरिक बिना किसी परेशानी के त्योहार मना सकें।
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