
NHM Employees Protest: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन NHM कर्मियों की हड़ताल का असर अब सरकारी कार्यक्रमों पर साफ दिखने लगा है। प्रदेशभर के करीब 16 हजार कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया है। 15 से 19 सितंबर तक प्रस्तावित राष्ट्रीय कृमि दिवस अभियान को स्वास्थ्य विभाग को फिलहाल स्थगित करना पड़ा है। इस दिन प्रदेशभर में बच्चों को कृमि से बचाने के लिए दवा (Deworming Tablet) दी जानी थी।

हड़ताल से रुकी स्वास्थ्य सेवाएं
Raipur News: राज्यभर के करीब 16 हजार एनएचएम कर्मचारी 18 अगस्त से अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ अब सरकारी कार्यक्रम भी प्रभावित होने लगे हैं। संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाओं ने सभी CMHO को पत्र लिखकर राष्ट्रीय कृमि दिवस कार्यक्रम को स्थगित करने की सूचना दी है।
कर्मचारियों की मांगें और आरोप
एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने प्रेसवार्ता में कहा कि
- “पिछले 20 माह में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और अन्य नेताओं को 160 से ज्यादा ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
- भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान ‘मोदी की गारंटी’ में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं का समाधान करने का वादा किया था, पर अब तक वादे पूरे नहीं हुए।”

ये हैं कर्मचारी संघ की 10 सूत्री मांगें
- संविलियन और नौकरी की सुरक्षा
- पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
- ग्रेड पे का निर्धारण
- कार्य मूल्यांकन प्रणाली में सुधार
- लंबित 27% वेतन वृद्धि
- नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण
- अनुकंपा नियुक्ति
- मेडिकल और अन्य अवकाश सुविधा
- पारदर्शी स्थानांतरण नीति
- न्यूनतम 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा
सरकार का पक्ष और विवाद
कर्मचारी संघ का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री ने 10 सूत्री मांगों में से कुछ पर केंद्र की अनुमति की बात कही थी, जबकि संघ का तर्क है कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की बनती है। कर्मचारियों का आरोप है कि शासन और प्रशासन की उपेक्षा ने उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर किया है।
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