
Dhamtari Revenue Inspector Suspension: धमतरी जिले में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। भखारा तहसील के राजस्व निरीक्षक (RI) मोहित कुमार सोनी को उनके काम में लापरवाही बरतने और सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण मामले को लंबे समय तक लटकाए रखने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर की इस सख्ती ने राजस्व विभाग के गलियारों में खलबली मचा दी है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी काम में ढिलाई और आम जनता को परेशान करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
नोटिस का जवाब नहीं आया काम, सीधे गिली गाज
निलंबन की यह नौबत तब आई जब संबंधित अधिकारी ने बार-बार मिल रही चेतावनियों को नजरअंदाज किया। तहसील भखारा के अंतर्गत भठेली मंडल में सीमांकन का एक मामला काफी समय से अटका हुआ था। तहसीलदार द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा ने भी 27 अप्रैल 2026 को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
- राजस्व निरीक्षक द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण पूरी तरह असंतोषजनक पाया गया।
- नियमों के तहत तय समय-सीमा में सीमांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
- प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे कार्य के प्रति घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता माना।
- उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना को अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा गया।
निलंबन के बाद नगरी कार्यालय में किया गया अटैच
कलेक्टर द्वारा जारी निलंबन आदेश में यह भी तय किया गया है कि मोहित कुमार सोनी को निलंबन की अवधि के दौरान कहां रहना होगा। सरकारी प्रक्रिया के अनुसार अब उन्हें अपनी सेवाएं मुख्य कार्यालय में देनी होंगी।
- निलंबित राजस्व निरीक्षक को नगरी कार्यालय में अटैच किया गया है।
- निलंबन के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
- विभाग अब इस प्रकरण की विस्तृत जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।
- आम लोगों के लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं।
जनता की परेशानी पर प्रशासन सख्त
अक्सर देखा जाता है कि सीमांकन और जमीन से जुड़े विवादों के निराकरण में देरी के कारण किसानों और ग्रामीणों को तहसील के चक्कर काटने पड़ते हैं। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने साफ कर दिया है कि राजस्व मामलों में देरी को भ्रष्टाचार या लापरवाही का संकेत माना जाएगा।
- राजस्व विभाग की छवि सुधारने के लिए लंबित फाइलों की रोजाना समीक्षा की जा रही है।
- सीमांकन, बटांकन और नामांतरण जैसे कार्यों के लिए समय-सीमा (Deadline) तय की गई है।
- ग्रामीणों की शिकायतों के लिए कलेक्ट्रेट में विशेष डेस्क बनाई गई है।
- अधिकारियों को फील्ड पर जाकर समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
अन्य विभागों पर भी कलेक्टर की पैनी नजर
धमतरी कलेक्टर केवल राजस्व ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पंचायत जैसे महत्वपूर्ण विभागों की भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हाल के दिनों में कई अन्य विभागों के लापरवाह कर्मचारियों पर भी गाज गिरी है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी स्तर पर फाइलें रुकती हैं या आम जनता को बिना वजह परेशान किया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। धमतरी में हुई इस कार्रवाई से पूरे जिले के राजस्व अमले में सतर्कता बढ़ गई है।



