
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को जब रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनके काफिले को देखकर हैरान रह गए। लंबे समय से सीएम के काफिले की पहचान रही टोयोटा फॉर्च्यूनर अब वहां नजर नहीं आई। उसकी जगह मुख्यमंत्री नई नवेली महिंद्रा स्कॉर्पियो में सवार होकर पहुंचे थे। करीब ढाई साल के अंतराल के बाद मुख्यमंत्री को एकदम नए वाहन में देखकर लोगों के बीच गाड़ी को लेकर उत्सुकता बढ़ गई और लोग वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों से नई सवारी के बारे में पूछताछ करते देखे गए।
पुरानी गाड़ियों में तकनीकी खराबी के कारण लिया फैसला
वाहनों में हुए इस बदलाव को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि काफिले में शामिल पुरानी गाड़ियां अब जवाब देने लगी थीं। दरअसल सीएम साय अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई फॉर्च्यूनर गाड़ियों का ही इस्तेमाल कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाहन काफी पुराने होने के कारण कभी-कभी बीच रास्ते में ही बंद होने लगे थे। सुरक्षा के लिहाज से यह स्थिति जोखिम भरी हो सकती थी इसलिए प्रशासन ने पुराने वाहनों को हटाकर नए वाहन शामिल करने का निर्णय लिया।
सुरक्षा के लिए शामिल हुई छह बुलेटप्रूफ गाड़ियां
मुख्यमंत्री के काफिले में केवल एक नहीं बल्कि कुल छह नई स्कॉर्पियो शामिल की गई हैं। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके लिए विशेष तौर पर तैयार बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के मुताबिक पूरे काफिले के वाहनों को एक जैसा रखा गया है ताकि सुरक्षा चक्र अभेद्य रहे। इस बदलाव के बाद अब मुख्यमंत्री का पूरा कारकेड नए स्वरूप में नजर आएगा जो सुरक्षा के आधुनिक मानकों से लैस है। स्वदेशी स्कॉर्पियो की सवारी को मुख्यमंत्री के सादगी भरे अंदाज से भी जोड़कर देखा जा रहा है।



