
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सत्तारूढ़ दल के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए हैं। पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर आज (शनिवार) अपनी ही सरकार के खिलाफ रायपुर में धरना देने जा रहे हैं। वे कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
कलेक्टर पर लगाए थे 14 बिंदुओं में आरोप
ननकीराम कंवर ने कोरबा कलेक्टर के खिलाफ 14 बिंदुओं में शिकायत करते हुए राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। उनका आरोप है कि कलेक्टर ने प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन किया और कामकाज में अनियमितता बरती। कंवर ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने 4 अक्टूबर तक कलेक्टर को नहीं हटाया, तो वे धरना देंगे।
सरकार ने मांगी जांच रिपोर्ट
इस विवाद के बीच राज्य शासन ने मामले की जांच के लिए बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से प्रतिवेदन मांगा है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार शासन की ओर से अभी तक इस जांच के लिए लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। संभागायुक्त ने मीडिया से कहा कि “जांच के आदेश मिलते ही रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंप दी जाएगी।”
शासन के रवैए से असंतुष्ट कंवर
पूर्व मंत्री कंवर reportedly सरकार के रवैए से नाखुश हैं। उनके करीबी सूत्रों ने बताया कि वे इस मुद्दे पर पहले भी शासन को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी असंतोष के चलते उन्होंने रायपुर में धरना देने का निर्णय लिया है।
धरने में समर्थकों के शामिल होने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, ननकीराम कंवर के समर्थक भी आज के धरने में शामिल हो सकते हैं। यह प्रदर्शन भाजपा की अंदरूनी राजनीति में नया मोड़ ला सकता है, क्योंकि एक वरिष्ठ नेता का अपनी ही सरकार के खिलाफ खुला विरोध पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है।
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