LPG Gas Booking New Rules: एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग पर नया नियम: अब दो रिफिल के बीच बढ़ा इंतजार, जानिए आपकी कैटेगरी के लिए क्या है समय सीमा

घरेलू गैस (LPG) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए काम की खबर है। गैस कंपनियों ने रसोई गैस के वितरण और बुकिंग की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) सहित अन्य प्रमुख कंपनियों ने अब दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच का अनिवार्य अंतराल (Gap) बढ़ा दिया है। इस नए कदम का मुख्य उद्देश्य बाजार में घरेलू गैस की अवैध बिक्री और कालाबाजारी पर लगाम लगाना है। अब कोई भी ग्राहक अपनी मर्जी से जब चाहे तब नया सिलेंडर बुक नहीं कर पाएगा क्योंकि सिस्टम अब केवल निर्धारित समय सीमा के बाद ही बुकिंग स्वीकार करेगा।

बुकिंग का नया गणित: अब 25 नहीं 35 दिन का होगा फासला

गैस कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। पहले जहां सामान्य तौर पर 25 दिनों के अंतराल में बुकिंग की सुविधा मिल जाती थी, उसे अब बढ़ाकर 35 दिन कर दिया गया है। इसका मतलब है कि एक सिलेंडर की डिलीवरी होने के बाद अगले 35 दिनों तक आप दोबारा बुकिंग नहीं कर सकेंगे। कंपनियों का मानना है कि एक सामान्य परिवार के लिए 14 किलो का सिलेंडर कम से कम एक महीना चलता है, ऐसे में जल्दी बुकिंग करने वाले ग्राहकों पर नजर रखी जाएगी ताकि सब्सिडी वाले सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग न हो सके।

उज्ज्वला और सिंगल कनेक्शन: अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग नियम

नए नियमों में ग्राहकों की श्रेणी के हिसाब से बुकिंग का समय तय किया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत कनेक्शन लेने वाले गरीब परिवारों को अब अपनी अगली रिफिल बुक करने के लिए कम से कम 45 दिनों का इंतजार करना होगा। वहीं, जिन ग्राहकों के पास केवल एक सिलेंडर वाला कनेक्शन (SBC) है, उनके लिए राहत की बात यह है कि वे पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर पाएंगे। जिनके पास डबल सिलेंडर कनेक्शन (DBC) है, उनके लिए 35 दिन की समय सीमा अनिवार्य रूप से लागू होगी।

कालाबाजारी पर स्ट्राइक: पारदर्शी वितरण के लिए डिजिटल सख्ती

प्रशासन और गैस कंपनियों को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि घरेलू सिलेंडर का उपयोग होटलों और ढाबों में धड़ल्ले से हो रहा है। इस चोरी को रोकने के लिए अब बुकिंग सॉफ्टवेयर में ही फिल्टर लगा दिए गए हैं। अब आपका कंज्यूमर नंबर तभी एक्टिव होगा जब आप अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित दिन पूरे कर लेंगे। इससे न केवल गैस की बर्बादी रुकेगी बल्कि उन जरूरतमंद ग्राहकों को समय पर सिलेंडर मिल सकेगा जिन्हें अक्सर वेटिंग का सामना करना पड़ता है। वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में यह एक बड़ा प्रशासनिक सुधार माना जा रहा है।

बुकिंग से पहले रखें ध्यान: वरना सिस्टम कर देगा रिजेक्ट

अगर आप तय समय सीमा से पहले मोबाइल ऐप या आईवीआरएस (IVRS) के जरिए गैस बुक करने की कोशिश करेंगे, तो आपकी रिक्वेस्ट प्रोसेस नहीं होगी। सिस्टम की ओर से आपको संदेश मिलेगा कि आपकी पिछली बुकिंग और वर्तमान प्रयास के बीच पर्याप्त अंतराल नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों को अपने गैस के इस्तेमाल का प्रबंधन अब नए शेड्यूल के हिसाब से करना होगा। त्योहारों या शादी-ब्याह के सीजन में होने वाली अतिरिक्त खपत को देखते हुए यह सलाह दी गई है कि लोग अपने कोटे और समय सीमा का पहले से हिसाब लगाकर रखें ताकि ऐन वक्त पर रसोई का चूल्हा ठंडा न पड़े।

Also Read: मोदी सरकार की नई अफीम नीति: इन तीन राज्यों के किसानों की चमकेगी किस्मत, सरकार दे रही लाइसेंस

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button