
छत्तीसगढ़ में पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर और कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। महीनों से जारी यह मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है, क्योंकि कलेक्टर के खिलाफ की गई शिकायत पर कमिश्नर बिलासपुर की जाँच पूरी हो चुकी है। शिकायत के आधार पर कलेक्टर अजीत वसंत के कार्यों की कुल 14 बिंदुओं पर जाँच की गई थी। जाँच से जुड़ी यह रिपोर्ट राज्य शासन को सौंप दी गई है, लेकिन अब तक शासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने की थी 14 बिंदुओं की शिकायत
गौरतलब है कि पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने 21 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को कलेक्टर अजीत वसंत के खिलाफ 14 बिंदुओं की एक विस्तृत शिकायत दी थी। मुख्यमंत्री ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जाँच के लिए भेजा। सामान्य प्रशासन विभाग ने 1 अक्टूबर 2025 को जाँच की जिम्मेदारी बिलासपुर कमिश्नर को सौंपी थी। यह शिकायत कलेक्टर के कार्यों और फैसलों से जुड़ी थी, जिस पर अब जाँच पूरी हो चुकी है।
बिलासपुर कमिश्नर ने 54 दिनों में पूरी की जाँच
मिली जानकारी के अनुसार, कमिश्नर सुनील कुमार जैन के नेतृत्व में कलेक्टर के खिलाफ की गई शिकायत पर कुल 14 बिंदुओं पर जाँच की गई। यह रिपोर्ट 54 दिनों में तैयार की गई, जिसे कमिश्नर ने राज्य शासन को सौंप दिया है। जाँच की समय सीमा और गतिविधि को देखते हुए इस मामले को प्रशासन के स्तर पर कितनी गंभीरता से लिया गया, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
कंवर अब RTI से माँगेंगे जांच रिपोर्ट की प्रति
चूँकि जाँच रिपोर्ट राज्य शासन को सौंप दी गई है, लेकिन इसकी सामग्री अभी सार्वजनिक नहीं की गई है और पूर्व मंत्री को भी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए, बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर अब सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से इस जाँच रिपोर्ट की प्रतियाँ हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं। ननकीराम कंवर का कहना है कि जब तक वे रिपोर्ट नहीं देख लेते, तब तक यह बताना मुश्किल है कि उसमें क्या निष्कर्ष निकाले गए हैं।
रिपोर्ट को लेकर शासन और कमिश्नर कार्यालय में चुप्पी
54 दिनों की जाँच के बाद रिपोर्ट शासन को मिल चुकी है, लेकिन इसकी सामग्री को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। दूसरी ओर, कमिश्नर कार्यालय ने भी रिपोर्ट को लेकर किसी प्रकार की जानकारी साझा नहीं की है। शासन की ओर से कलेक्टर अजीत वसंत पर क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखना बाकी है।
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