
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी के भीतर बड़ा विद्रोह देखने को मिला है। नगरी नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 9 और 10 के दो पार्षदों के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। यह पूरा विवाद वार्ड में सामुदायिक भवन के निर्माण में हो रही देरी और प्रशासनिक हीलाहवाली को लेकर है। नाराज कार्यकर्ता बड़ी संख्या में नगरी स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे और अपना सामूहिक त्यागपत्र मंडल अध्यक्ष को सौंप दिया। इस सामूहिक इस्तीफे के बाद स्थानीय राजनीति में हड़कंप मच गया है।
स्थापना दिवस पर बगावत: दो वार्डों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने छोड़ी पार्टी
नगरी नगर पंचायत के वार्डों में सामुदायिक भवन न बनने से वार्डवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं में लंबे समय से आक्रोश पनप रहा था। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी के स्थापना दिवस पर वे खुशी मनाने के बजाय अपनी उपेक्षा के विरोध में यह कदम उठाने को मजबूर हुए हैं। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे समर्थकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी बुनियादी मांग पूरी नहीं होती, वे पार्टी की किसी भी गतिविधि का हिस्सा नहीं बनेंगे। इस घटनाक्रम ने संगठन की जमीनी पकड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सामुदायिक भवन का अभाव: शादी और सामाजिक कार्यक्रमों में हो रही भारी दिक्कत
वार्ड नंबर 9 और 10 के निवासियों की लंबे समय से मांग है कि उनके क्षेत्र में एक सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन बनाया जाए। वर्तमान में इन वार्डों में कोई ऐसा सार्वजनिक स्थान नहीं है जहां शादी-ब्याह, सामाजिक समारोह या दुख-तकलीफ के समय कोई कार्यक्रम आयोजित किया जा सके। स्थानीय लोगों को निजी भवनों या दूर-दराज के स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। वार्डवासियों का तर्क है कि घनी आबादी वाले इन क्षेत्रों के लिए यह एक अनिवार्य जरूरत है।
भूमि पूजन के बाद भी काम ठप: बजट स्वीकृत होने के बावजूद प्रशासन मौन
आश्चर्य की बात यह है कि इस सामुदायिक भवन के लिए जमीन का आवंटन काफी समय पहले ही हो चुका है और निर्माण के लिए जरूरी राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है। नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों की मौजूदगी में धूमधाम से भूमि पूजन का कार्यक्रम भी संपन्न हो चुका था। इसके बावजूद महीनों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसी प्रशासनिक सुस्ती और झूठे वादों से तंग आकर वार्डवासियों ने अब राजनीतिक विरोध का रास्ता चुना है।
10 दिन का अल्टीमेटम: मांग पूरी न होने पर चक्काजाम का ऐलान
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे भारत साहू ने बताया कि जिस स्थान पर भूमि पूजन हुआ है, उसी आबादी भूमि पर भवन का निर्माण किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि आबादी भूमि पर निर्माण रोकना तकनीकी रूप से गलत है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पार्टी नेतृत्व को 10 दिनों का आखिरी समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे मुख्य मार्ग पर चक्काजाम और उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
मंडल अध्यक्ष को सौंपा त्यागपत्र: जिलाध्यक्ष की गैरमौजूदगी में हुई कार्रवाई
भाजपा के जिलाध्यक्ष की अनुपस्थिति में नाराज कार्यकर्ताओं ने नगरी भाजपा मंडल अध्यक्ष बलजीत सिंह छाबड़ा को अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे की खबर फैलते ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू कर दी हैं। कार्यकर्ताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि वे अब केवल ठोस कार्रवाई चाहते हैं, खोखले आश्वासनों का दौर अब खत्म हो चुका है। इस्तीफे देने वालों में सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ-साथ वार्डों के प्रभावशाली चेहरे भी शामिल हैं, जिससे आगामी चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है।
आश्वासन का दौर शुरू: मंडल अध्यक्ष बोले- ‘जल्द सुलझाएंगे मसला’
इस पूरे मामले पर भाजपा मंडल अध्यक्ष बलजीत सिंह छाबड़ा का कहना है कि कार्यकर्ताओं की मांग जायज है और इसे बहुत जल्द पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि वे सभी भाजपा की रीति-नीति को मानने वाले लोग हैं और उनकी शिकायतों का समाधान उच्च स्तर पर बात करके किया जाएगा। हालांकि, कार्यकर्ताओं का मूड देखकर नहीं लगता कि वे बिना काम शुरू हुए अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए तैयार होंगे।



