
Dhamtari Ganja Smuggler Escaped: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है. सिहावा थाने में गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया एक शातिर आरोपी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो गया. चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल जांच) के दौरान हुई इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए धमतरी के पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज सिंह परिहार ने इसे भारी लापरवाही माना है. एसपी ने सुरक्षा में तैनात एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) समेत चार पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.
9 लाख रुपये के गांजे के साथ पकड़े गए थे नागपुर के तस्कर
यह पूरा मामला सिहावा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की थी. पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर तीन अंतरराज्यीय तस्करों को दबोचा था. इनके पास से बाजार में करीब 9 लाख रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया गया था. पुलिस की इस कामयाबी की हर तरफ चर्चा हो रही थी, लेकिन आरोपियों को जेल भेजने से पहले की जाने वाली कानूनी कागजी कार्रवाई के दौरान पूरी बाजी पलट गई.

नगरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा था डॉक्टरों का मुलाहिजा
न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने से पहले सभी गिरफ्तार आरोपियों का सरकारी नियमों के तहत डॉक्टरी मुलाहिजा कराना अनिवार्य था. इसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सिहावा थाने की टीम तीनों आरोपियों को लेकर नगरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंची थी. अस्पताल परिसर में जब डॉक्टरों की टीम एक-एक कर आरोपियों का मेडिकल चेकअप कर रही थी, तभी मौका पाकर एक आरोपी सुरक्षा घेरे को तोड़कर वहां से नौ दो ग्यारह हो गया.
एएसआई और महिला आरक्षक समेत चार लोगों की सुरक्षा में तैनात थी टीम
अस्पताल लाते समय आरोपियों की कड़ी निगरानी और सुरक्षा का जिम्मा सिहावा थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक सोनचंद डहरिया, आरक्षक अजय नेताम, डीएसएफ आरक्षक हिमेश नेताम और महिला आरक्षक डिगेश्वरी साहू को सौंपा गया था. इसके बावजूद आरोपी पलाश गजभिए (उम्र 32 वर्ष), जो कि कचूरवाही, थाना आरोली, जिला नागपुर (महाराष्ट्र) का रहने वाला है, उसने स्थानीय पुलिस स्टाफ की आंखों में धूल झोंक दी. आरोपी के अचानक गायब होने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई.
निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर एसपी ने की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई
जैसे ही आरोपी के भागने की खबर जिला मुख्यालय पहुंची, एसपी सूरज सिंह परिहार ने तुरंत सिहावा थाना प्रभारी और चश्मदीदों से पूरी घटना की रिपोर्ट तलब की. शुरुआती जांच और समीक्षा में यह साफ पाया गया कि आरोपी की अभिरक्षा में तैनात चारों कर्मचारियों ने निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया. इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता मानते हुए एसपी ने कड़ा रुख अपनाया और चारों अधिकारी-कर्मचारियों को तुरंत निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया.
सस्पेंशन अवधि के दौरान रक्षित केंद्र धमतरी रहेगा सभी का नया मुख्यालय
पुलिस विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक निलंबन आदेश के अनुसार, इन चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंशन की अवधि के दौरान रक्षित आरक्षक केंद्र (पुलिस लाइन) धमतरी में अपनी उपस्थिति देनी होगी. इस पूरी समयसीमा के भीतर उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता और अन्य जरूरी सरकारी भत्ते ही देय होंगे. बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के वे मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे. इस बड़ी दंडात्मक कार्रवाई से जिले के अन्य थानों के स्टाफ में भी हड़कंप है.
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित, महाराष्ट्र पुलिस से किया संपर्क
शाम तक आरोपी पलाश गजभिए का कोई सुराग नहीं मिल सका था, जिसके बाद धमतरी पुलिस ने जिले की सीमाओं को सील कर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है. फरार तस्कर की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की तीन विशेष कमेटियां बनाई गई हैं, जो उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. चूंकि आरोपी नागपुर का रहने वाला है, इसलिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने महाराष्ट्र की स्थानीय पुलिस और साइबर सेल से भी संपर्क साधा है ताकि तकनीकी लोकेशन के आधार पर उसे जल्द से जल्द दोबारा सलाखों के पीछे भेजा जा सके.



