
CG Saree Controversy: छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बांटी गई साड़ियों का मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वितरित इन साड़ियों की लंबाई और क्वालिटी पर उठ रहे सवालों के बीच विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे तिल का ताड़ बनाना करार दिया है। बिलासपुर और अन्य जिलों में साड़ियों के छोटे होने और रंग निकलने की शिकायतों के बाद मंत्री का यह तीखा बयान प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ चुका है।
मंत्री ने खुद किया क्वालिटी टेस्ट, कहा– साड़ियां बदली जाएंगी
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने साड़ियों की खराब गुणवत्ता के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने खुद इन साड़ियों का उपयोग कर उनकी जांच की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने घर पर साड़ी को धोकर देखा है और वे व्यक्तिगत रूप से इसकी गुणवत्ता से संतुष्ट हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ केंद्रों से शिकायतें जरूर मिली हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जहां भी गड़बड़ी की सूचना है, वहां की साड़ियों को वापस लेकर नई साड़ियां देने के निर्देश अधिकारियों को जारी कर दिए गए हैं। विभाग अब इन शिकायतों की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि असलियत सामने आ सके।

कांग्रेस पर हमला: ‘मछली पकड़ने’ लायक थीं पुरानी साड़ियां
विपक्ष के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए लक्ष्मी राजवाड़े ने कांग्रेस शासन काल की याद दिलाई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में साड़ी वितरण के नाम पर असली भ्रष्टाचार होता था। उस दौर में बांटी गई साड़ियों की हालत ऐसी होती थी कि महिलाएं उन्हें पहन नहीं पाती थीं। मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस कार्यकाल की साड़ियां इतनी घटिया होती थीं कि वे केवल मछली झोलने (पकड़ने) के काम आती थीं। उन्होंने वर्तमान सरकार के बचाव में कहा कि भाजपा सरकार में गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा जा रहा है और किसी भी गड़बड़ी को तुरंत ठीक किया जा रहा है।
जांच के आदेश और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा
पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने उच्च स्तरीय जांच के संकेत दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि साड़ियों की लंबाई और फैब्रिक की जांच के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि अगर किसी सप्लायर ने घटिया माल की आपूर्ति की है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का लक्ष्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहतर वर्दी उपलब्ध कराना है, न कि किसी विवाद को हवा देना। फिलहाल, विभाग दोषपूर्ण स्टॉक को रिप्लेस करने की प्रक्रिया में जुटा है ताकि कार्यकर्ताओं का आक्रोश शांत हो सके।



