GeM Portal: छत्तीसगढ़ में 15 करोड़ के टेंडर पर उठे सवाल: PWD ने रखी गजब की शर्त, सालाना ₹300 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनी ही होगी पात्र

रायपुर: GeM Portal Tender: छत्तीसगढ़ में सरकारी खरीद के लिए इस्तेमाल होने वाले GeM पोर्टल की पारदर्शिता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार विवाद लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा नई विधानसभा परिसर के लिए 15 करोड़ रुपये की टेबल-कुर्सी खरीद के टेंडर को लेकर है। विभाग ने इस खरीद के लिए ऐसी शर्तें रखी हैं, जिन्हें असामान्य और प्रतिस्पर्धा खत्म करने वाला बताया जा रहा है।

टेंडर की सबसे बड़ी विवादित शर्त

PWD ने इस टेंडर के लिए कुल 15 शर्तें रखी हैं, जिनमें सबसे अधिक विवादित शर्त कंपनी के वार्षिक टर्नओवर को लेकर है।

  • विवादित शर्त: बोली लगाने वाली कंपनी का सालाना टर्नओवर ₹300 करोड़ होना चाहिए।
  • नियमों की अनदेखी: जानकारों के मुताबिक, भंडार क्रय नियम के तहत टेंडर मूल्य से ज्यादा से ज्यादा चार गुना तक की गारंटी ली जा सकती है। इस नियम के अनुसार, ₹60 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियाँ भी इस टेंडर के लिए पात्र हो सकती थीं। लेकिन ₹300 करोड़ की शर्त ने प्रदेश की अधिकांश छोटी और मझोली कंपनियों को इस दौड़ से स्वतः ही बाहर कर दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह शर्त प्रतिस्पर्धा को सीमित करने और चुनिंदा बड़ी कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए जानबूझकर रखी गई है। जानकारों के अनुसार, PWD विभाग की इन सख्त शर्तों पर देश की केवल तीन कंपनियाँ ही खरी उतरती हैं।

माननीयों के आवासों पर काम का अनुभव भी अनिवार्य

विभाग ने टेंडर में कई ऐसी शर्तें भी जोड़ी हैं, जिन्हें पूरा करना छोटे विक्रेताओं के लिए लगभग असंभव है।

  • माननीयों के यहाँ अनुभव: टेंडर की शर्त संख्या 13 में स्पष्ट उल्लेख है कि संबंधित कंपनी के पास राजभवन, मुख्यमंत्री निवास, कैबिनेट मंत्री, संसदीय सचिव, विधानसभा या अन्य सरकारी भवनों जैसे माननीयों के यहाँ काम करने का अनुभव होना अनिवार्य है।

यह पहली बार नहीं है जब GeM पोर्टल के माध्यम से की गई सरकारी खरीद विवादों में आई हो, लेकिन विभागीय अधिकारी और सरकार इस पर कोई सख्त रुख नहीं अपना रहे हैं।

Also Read: VIDEO: संगठन सृजन अभियान में सोते दिखे कांग्रेस नेता, मंच में महंत दे रहे थे पार्टी को मजबूत करने की सीख, वीडियो वायरल

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button