
रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी होने के बाद पार्टी में एक बार फिर आपसी कलह सामने आ गई है। महासमुंद से असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जफर उल्ला खान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार को देर रात कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी की थी, जिसमें महासमुंद में द्वारिकाधीश यादव को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। खान ने पार्टी के फैसले पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
फैसलों में नीति-रीति का ख्याल नहीं रखने का आरोप
जफर उल्ला खान ने अपने इस्तीफे के पत्र में लिखा कि वे कांग्रेस पार्टी की विचारधारा और नीति-रीति से हमेशा प्रभावित रहे हैं, लेकिन अब लगातार ऐसे निर्णय देख रहे हैं जिनमें कहीं भी पार्टी की नीति-रीति का ख्याल नहीं रखा गया है। उन्होंने पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से पार्टी की नीति-रीति को गहरी चोट लगी है।
‘हजारों कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ सीधा धोखा’
इस्तीफे में खान ने संगठन सृजन अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान के तहत जिले भर के कार्यकर्ताओं से राय-मशवरा लिया गया था और कार्यकर्ताओं में बड़ा जोश था। लेकिन नतीजा कार्यकर्ताओं के अनुरूप न आने से हजारों कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ सीधा धोखा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह धोखा मुझ जैसे कार्यकर्ता और कांग्रेस की नीति-रीति से प्रभावित हजारों कार्यकर्ताओं की सहनशक्ति से बाहर है।
सिर्फ जिलाध्यक्ष पद छोड़ा, साधारण सदस्य बने रहेंगे
अपनी नाराजगी जताने के बावजूद जफर उल्ला खान ने पार्टी से पूरी तरह नाता तोड़ने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि मैं महासमुंद जिला कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूँ। उन्होंने पार्टी से अपना इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया और स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी के सदस्य के रूप में अपना दायित्व और अपना फर्ज निभाते रहेंगे।

महासमुंद में द्वारिकाधीश यादव को बनाया गया है जिलाध्यक्ष
कांग्रेस ने शुक्रवार को देर रात जारी की गई लिस्ट में महासमुंद जिला कांग्रेस की कमान द्वारिकाधीश यादव को सौंपी है। उनकी नियुक्ति के बाद ही जफर उल्ला खान का इस्तीफा सामने आया है। यह घटना छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी और असंतुष्टि को एक बार फिर उजागर करती है।



