Kurud Abhanpur Rail Line Speed Trial VIDEO: धमतरी-रायपुर बड़ी रेल लाइन का काम आखिरी दौर में: कुरूद से अभनपुर के बीच 110 की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन, 24 किलोमीटर का सफर 12 मिनट में पूरा

Kurud Abhanpur Rail Line Speed Trial: छत्तीसगढ़ के रायपुर और धमतरी के बीच बड़ी रेल लाइन (ब्रॉडगेज) की शुरुआत का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. रेलवे प्रशासन ने इस रूट पर नियमित ट्रेन चलाने की दिशा में अपने कदम तेजी से आगे बढ़ा दिए हैं. बुधवार को इस नए ट्रैक पर हाई स्पीड ट्रेन का सफल ट्रायल किया गया. रेल मंडल के मंडल अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने इस पूरे परीक्षण को अंजाम दिया. ट्रायल के दौरान ट्रेन ने कुरुद से अभनपुर के बीच की करीब 24 किलोमीटर की दूरी को सिर्फ 12 मिनट में तय कर लिया.

रायपुर से धीमी गति में आई ट्रेन, फिर पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुआ हाई स्पीड ट्रायल

यह विशेष ट्रेन सबसे पहले रायपुर से रवाना हुई थी. रास्ते के सुरक्षा मानकों और पटरियों की स्थिति को बारीकी से देखते हुए इसे बेहद सुरक्षित और धीमी रफ्तार में कुरूद रेलवे स्टेशन लाया गया. स्टेशन पर मौजूद स्थानीय अधिकारियों और तकनीकी टीम ने ट्रेन की शुरुआती जांच की. इसके बाद पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई. दोपहर ठीक 3 बजकर 3 मिनट पर इस ट्रेन को हाई स्पीड ट्रायल के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.

तकनीकी विशेषज्ञों ने परखी पटरियों की मजबूती, शत-प्रतिशत सफल रहा पूरा परीक्षण

इस पूरे ट्रायल का मुख्य उद्देश्य नए बने ट्रैक की क्षमता को जांचना था. सफर के दौरान रेलवे के उच्च अधिकारियों और इंजीनियरों की टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से पटरियों की मजबूती, तेज रफ्तार में ट्रेन का संतुलन और पटरियों के मोड़ पर दबाव जैसे अहम तकनीकी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की. अधिकारियों के मुताबिक, पूरे 24 किलोमीटर के इस सफर में कहीं भी कोई तकनीकी खराबी या कंपन जैसी समस्या सामने नहीं आई. सुरक्षा के लिहाज से यह ट्रायल पूरी तरह कामयाब रहा.

स्टाफ क्वार्टर और पार्किंग के लिए खाली कराई जमीन

करीब 550 करोड़ रुपये की लागत वाली इस ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए निर्माण कार्य में तेजी ला दी गई है. रेलवे के अधिकारियों ने राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम के साथ मिलकर धमतरी स्टेशन के आसपास की जमीनों का सीमांकन किया है. रेलवे की जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया जा रहा है. इस खाली कराई गई जमीन पर रेलवे कर्मचारियों के रहने के लिए स्टाफ क्वार्टर, विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) और गाड़ियों के लिए बड़ी पार्किंग का निर्माण किया जाएगा.

देखें वीडियो-

रेलवे स्टेशन कीकी समीक्षा करने पहुंचे थे विधायक, ग्रामीण और बुजुर्ग भी नए स्वरूप से गदगद

हाल ही में क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर ने भी विकास कार्यों की समीक्षा के तहत कुरूद रेलवे स्टेशन का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ नवनिर्मित स्टेशन परिसर और यात्री सुविधाओं का जायजा लिया था. स्टेशन की नई और आधुनिक इमारत को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और बुजुर्ग भी पहुंचे थे. ग्रामीणों ने स्टेशन के बदले हुए स्वरूप की काफी तारीफ की. अब सफल स्पीड ट्रायल की खबर आने से पूरे इलाके के लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.

रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम भी अंतिम चरण में

नई रेल लाइन बिछाने के साथ-साथ इस पूरे मार्ग पर ट्रेनों को बिजली से चलाने की तैयारी भी समानांतर रूप से चल रही है. धमतरी रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के रूट पर विद्युतीकरण का काम अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है. अधिकारियों की मानें तो ट्रैक के किनारे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अधिकतर जरूरी खंभे खड़े किए जा चुके हैं. धमतरी स्टेशन परिसर में भी बचे हुए बिजली पोल लगाने का काम इसी हफ्ते शुरू कर दिया जाएगा ताकि सिविल वर्क पूरा होते ही इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाए जा सकें.

मंडल रेल प्रबंधक को सौंपी जाएगी फाइनल रिपोर्ट

मंडल अभियंता ने बताया कि इस सफल ट्रायल की एक विस्तृत और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. इस रिपोर्ट के आधार पर ही पैसेंजर ट्रेनों के नियमित परिचालन की अंतिम तारीख तय होगी. इससे पहले मार्च के महीने में भी इस रूट पर एक सुरक्षा जांच की गई थी, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से तब ट्रेन सेवा शुरू नहीं हो सकी थी. अब दूसरे बड़े परीक्षण के सफल होने से लोगों की सालों पुरानी मांग पूरी होने का रास्ता साफ हो गया है.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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