
Mahatari Vandana Yojana Ekyc: छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप ‘महतारी वंदन योजना’ के लाभार्थियों के लिए एक जरूरी खबर है। धमतरी जिले में इस योजना का लाभ ले रही करीब 2 लाख 70 हजार महिलाओं को अब अपना ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। योजना शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब इतने बड़े स्तर पर हितग्राहियों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। शासन की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, यह विशेष अभियान 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है जो 30 जून तक चलेगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य केवल पात्र और जीवित हितग्राहियों तक ही सरकारी मदद पहुंचाना है।
बायोमेट्रिक सत्यापन है जरूरी: नजदीकी चॉइस सेंटर में जाकर अंगूठा लगाना होगा अनिवार्य
ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए महिला हितग्राहियों को अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या चॉइस सेंटर पर जाना होगा। वहां बायोमेट्रिक मशीन के जरिए अंगूठा लगाकर या आंखों की पुतली (आइरिस स्कैन) के माध्यम से पहचान सत्यापित की जाएगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं का ई-केवाईसी समय पर पूरा नहीं होगा, उन्हें भविष्य में योजना की अगली किस्तों का लाभ मिलने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने महिलाओं से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपना सत्यापन जल्द पूरा कराएं।
ब्लॉक स्तर पर ट्रेनिंग प्रोग्राम: सीएससी संचालकों और विभाग के कर्मचारियों को दी जा रही जानकारी
इस महाभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला प्रशासन ब्लॉक स्तर पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर रहा है। इसी सिलसिले में कुरूद जनपद पंचायत में एक कार्यशाला रखी गई, जिसमें लगभग 100 सीएससी संचालक (वीएलई) शामिल हुए। इस ट्रेनिंग में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जानकारी दी गई। इसका मकसद यह है कि जब महिलाएं केंद्रों पर पहुंचें, तो उन्हें किसी भी तरह की सर्वर या डेटा संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े।

जिले भर में तय किया गया शेड्यूल: मगरलोड और नगरी में भी लगेंगे कैंप
सत्यापन कार्य को गति देने के लिए जिले की सभी जनपद पंचायतों में अलग-अलग तारीखें तय की गई हैं। धमतरी शहरी और ग्रामीण इलाकों में 1 अप्रैल से ही काम की शुरुआत हो चुकी है। अब आने वाली 6 अप्रैल को मगरलोड जनपद पंचायत में प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा, वहीं 7 अप्रैल को नगरी ब्लॉक के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम तय है। इन शिविरों के माध्यम से ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले कर्मचारियों को टारगेट दिया जा रहा है ताकि तय समय सीमा के भीतर सभी 2.70 लाख महिलाओं का डेटा अपडेट हो सके।
फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम: वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करना है मुख्य लक्ष्य
ई-केवाईसी कराने के पीछे सरकार की मंशा पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था लागू करना है। डिजिटल सत्यापन से यह साफ हो जाएगा कि योजना का लाभ ले रही महिला वास्तव में पात्र है और उसका बैंक खाता आधार से सही तरीके से लिंक है। कई बार डेटा में विसंगतियां होने या हितग्राही की जानकारी अपडेट न होने के कारण सरकारी राशि का सही उपयोग नहीं हो पाता। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद केवल उन्हीं महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे जिनकी पहचान पूरी तरह स्पष्ट होगी।
घर बैठे या केंद्र पर सुविधा: दस्तावेजों के साथ पहुंचें हितग्राही
महिलाओं को सलाह दी गई है कि वे केंद्र पर जाते समय अपना आधार कार्ड और महतारी वंदन योजना का पंजीयन मोबाइल साथ लेकर जाएं। सत्यापन के दौरान मोबाइल पर आने वाला ओटीपी और बायोमेट्रिक मिलान ही आपकी पात्रता को पक्का करेगा। जिला प्रशासन ने सभी चॉइस सेंटर संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे बुजुर्ग और दिव्यांग महिलाओं को प्राथमिकता दें ताकि उन्हें केंद्र पर ज्यादा देर इंतजार न करना पड़े। आने वाले दिनों में ग्राम स्तर पर भी मुनादी कराकर महिलाओं को इस अनिवार्य प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जाएगा।



