
Girl Sexual Assault: छत्तीसगढ़ के शिवरीनारायण इलाके से एक शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने रिश्तों को कलंकित करते हुए अपनी ही चाचा की बेटी के साथ कई महीनों तक दुष्कर्म किया। आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर कबीर आश्रम में रखा था और खाना में नींद की दवा मिलाकर उसका शोषण करता रहा। जब पीड़िता गर्भवती हुई तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामा के घर रह रही थी पीड़िता, आश्रम में चाचा के बेटे के पास भेजा गया
Drugged with sleeping pills: 14 साल की पीड़िता अपने पिता की मौत के बाद मामा के घर रह रही थी। 13 मई 2023 को उसके भाई ने उसे दिलेश्वर महंत के साथ कबीर आश्रम भेज दिया, जो उसका चाचा का बेटा है। भाई खुद काम के सिलसिले में गुजरात चला गया। आश्रम में दिलेश्वर पहले से रह रहा था और वहीं देखरेख का काम करता था।
रोजाना नींद की दवा खिलाकर करता था शोषण
Kabir Ashram Shivrinarayan: आश्रम में रहने के दौरान आरोपी रोज पीड़िता को खाना देता था, जिसमें वह नींद की दवा मिला देता था। नशे की हालत में बच्ची सो जाती थी और इसी दौरान वह उसका शारीरिक शोषण करता था। 4 जुलाई 2023 की रात पीड़िता ने खाना नहीं खाया था, इस वजह से वह पूरी तरह होश में थी। तभी आरोपी उसके पास आया और उसे पकड़ने लगा, लेकिन लड़की की नींद नहीं खुली तो आरोपी लौट गया।
गर्भवती होने पर हुआ खुलासा
Crime News: इसके बाद पीड़िता गांव टुंड्रा चली गई, जहां उसे पेट में दर्द होने लगा और मासिक धर्म बंद हो गया। जब उसने अपने भाई को यह बात बताई, तो प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया और वह गर्भवती निकली। तब उसने सारी सच्चाई बताई कि कैसे आश्रम में दिलेश्वर उसके साथ गलत काम करता था।
आरोपी फरार हुआ, फिर हुआ गिरफ्तार
Shivrinarayan News: भाई ने जब दिलेश्वर से इस बारे में बात की तो उसने साफ इनकार कर दिया और आश्रम से भाग गया। बाद में पीड़िता ने शिवरीनारायण थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और जांच पूरी होने के बाद चालान कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
POCSO Court Verdict: इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अनिल कुमार बारा की अदालत में हुई। आरोपी दिलेश्वर उर्फ निर्मलदास को आईपीसी की धारा 376 के तहत दोषी पाया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई। साथ ही ₹500 का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना नहीं भरने पर 1 महीने की अतिरिक्त सजा का आदेश भी दिया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंद्रप्रताप सिंह ने पैरवी की।
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