Mahima Rajput ShaktiSat Mission Space Selected: छत्तीसगढ़ की बेटी महिमा राजपूत का अंतरराष्ट्रीय शक्तिसैट मिशन में चयन, सीएम साय ने दी बधाई

Mahima Rajput ShaktiSat Mission Space Selected: अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की एक होनहार छात्रा ने वैश्विक स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है. राजधानी रायपुर की रहने वाली 14 वर्षीय छात्रा महिमा राजपूत का चयन अंतरराष्ट्रीय ‘शक्तिसैट’ मिशन के लिए हुआ है. इस बड़े मिशन के तहत वह सैटेलाइट निर्माण से जुड़ी एक विशेष कार्यशाला में हिस्सा लेंगी. महिमा की इस सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें बधाई दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी कम उम्र में 108 देशों के विद्यार्थियों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व करना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए बेहद गर्व की बात है.

स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्रा हैं महिमा और दिल्ली की कार्यशाला में लेंगी हिस्सा

महिमा राजपूत रायपुर के गुढ़ियारी स्थित तिलक नगर के स्वामी आत्मानंद सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाई करती हैं. इस अंतरराष्ट्रीय मिशन के तहत आगामी 23 अगस्त से देश की राजधानी दिल्ली में एक आठ दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन होने जा रहा है. इस वर्कशॉप में महिमा के साथ ही दुनिया के 108 अलग-अलग देशों से चुने गए मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल होंगे. इस दौरान सभी चयनित प्रतिभागियों को अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियां सिखाने के साथ ही सैटेलाइट बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

जानिए क्या है शक्तिसैट प्रोग्राम और किस संस्था ने की है इसकी शुरुआत

शक्तिसैट प्रोग्राम असल में भारतीय एयरोस्पेस संस्था ‘स्पेस किड्स इंडिया’ की ओर से शुरू की गई एक अनोखी वैश्विक अंतरिक्ष पहल है. यह कार्यक्रम मुख्य रूप से स्कूली छात्राओं को विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार करता है. इस पूरे मिशन का मुख्य उद्देश्य दुनिया के 108 देशों की 12 से 18 साल तक की स्कूली लड़कियों को स्पेस टेक्नोलॉजी और सैटेलाइट इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पेशेवर ट्रेनिंग देना है ताकि वे भविष्य में अंतरिक्ष वैज्ञानिक बन सकें.

कुल 12 हजार छात्राओं को ऑनलाइन माध्यम से दी गई स्पेस साइंस की बुनियादी ट्रेनिंग

इस वैश्विक कार्यक्रम के पहले चरण में दुनिया के 108 देशों से लगभग 12,000 स्कूली छात्राओं को शॉर्टलिस्ट किया गया था. इन सभी छात्राओं को स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी बुनियादी जानकारियां देने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जोड़ा गया. इस शुरुआती ट्रेनिंग के दौरान छात्राओं को कुल 21 मॉड्यूल और 365 अलग-अलग पाठों के जरिए सैटेलाइट बिल्डिंग की तकनीक और अंतरिक्ष विज्ञान के बुनियादी सिद्धांतों से रूबरू कराया गया.

120 घंटे के कठिन कोर्स में सीखे सैटेलाइट सिस्टम और पेलोड डिजाइन के गुर

इस मिशन के तहत छात्राओं के लिए 120 घंटे की गहन ऑनलाइन ट्रेनिंग आयोजित की गई थी. इस कठिन कोर्स के दौरान महिमा और अन्य छात्राओं ने सैटेलाइट सिस्टम, पेलोड डेवलपमेंट और पीसीबी डिजाइन जैसी जटिल तकनीकी चीजों की जानकारी हासिल की. इस पूरी ऑनलाइन ट्रेनिंग और उसके बाद हुए मूल्यांकन के आधार पर हर देश से केवल एक सर्वश्रेष्ठ स्टूडेंट का चयन अंतिम चरण के लिए किया जाना था.

पूरे भारत से हुआ महिमा का चयन और सीएम साय ने सोशल मीडिया पर जताई खुशी

इस बेहद कड़े मुकाबले में भारत की ओर से छत्तीसगढ़ के रायपुर की महिमा राजपूत ने बाजी मारी और देश में पहला स्थान हासिल कर अपना चयन पक्का किया. महिमा की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रायपुर की बेटी ने अंतरिक्ष में छत्तीसगढ़ का गौरव चमकाया है. उन्होंने महिमा को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता राज्य के अन्य बच्चों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बनेगी.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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