
Dhamtari Yashwant Sahu Territorial Army Selection: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से संघर्ष और अटूट हौसले की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है। जिले के डिपो पारा, मॉडल स्कूल रोड के रहने वाले राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी यशवंत साहू का चयन भारतीय प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) में बतौर सिपाही हुआ है। एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले यशवंत ने अपनी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण के बल पर देश सेवा के अपने सबसे बड़े सपने को सच कर दिखाया है। उनकी इस कामयाबी ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो तंगहाली और कड़े हालात भी आपकी राह नहीं रोक सकते।
मजदूर पिता के संघर्षों को दी नई उड़ान, खेल के मैदान से शुरू हुआ था सेना में जाने का सफर
यशवंत साहू के पिता राम प्रसाद साहू पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर हैं, जो रोज मेहनत करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते रहे हैं। यशवंत की शुरुआती शिक्षा नत्थूजी जगताप नगर पालिका निगम स्कूल से हुई थी। स्कूल के दिनों से ही उनकी रुचि खेलकूद में काफी ज्यादा थी। उन्होंने स्कूल के खेल मैदान से ही दौड़ और फुटबॉल की बारीकियां सीखनी शुरू की थीं। पिता की तंगहाली को करीब से देखने वाले यशवंत ने कभी भी अपनी परिस्थितियों को खुद पर हावी नहीं होने दिया और खेल को ही अपने करियर की नई सीढ़ी बना लिया।
दो गुरुओं के मार्गदर्शन में निखरी प्रतिभा, एथलेटिक्स और फुटबॉल में देश भर में लहराया परचम
यशवंत के इस मुकाम तक पहुंचने में उनके दो खेल गुरुओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्कूल में खेल शिक्षक और कोच टिकेश्वर (टिक्की) निर्मलकर की प्रेरणा से यशवंत ने लंबी दूरी की दौड़ में कदम रखा और देखते ही देखते 1500 मीटर, 5000 मीटर और मैराथन में अपनी एक अलग पहचान बना ली। वहीं दूसरी ओर, पीजी कॉलेज मैदान में फुटबॉल कोच राजेश नायर के सानिध्य में उन्होंने फुटबॉल की बारीकियां सीखीं। इन दोनों गुरुओं के सही मार्गदर्शन की वजह से ही यशवंत ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर की कई खेल प्रतियोगिताओं में धमतरी और छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और पदक जीतकर अपनी खेल क्षमता को साबित किया।
असफलताओं से हार मानने के बजाय दोगुनी ताकत से की तैयारी, धमतरी नगर निगम क्षेत्र से बने पहले जांबाज
यशवंत ने बताया कि सेना में चयन से पहले उन्हें कई बार असफलता का स्वाद भी चखना पड़ा था। कई भर्ती रैलियों में अंतिम दौर तक पहुंचकर बाहर हो जाने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनके गुरुओं ने उन्हें हमेशा शांत मन से प्रयास जारी रखने और विपरीत परिस्थितियों में हौसला बनाए रखने की सीख दी थी। कोच टिक्की निर्मलकर के अनुसार, धमतरी नगर निगम क्षेत्र के सभी 40 वार्डों में से यशवंत पहले ऐसे युवा हैं जिनका चयन प्रादेशिक सेना में हुआ है। उनकी इस सफलता से अंचल के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी आर्म्ड फोर्सेज में जाने की एक नई प्रेरणा मिली है।
ढोल-धमाकों के साथ रेजीमेंट सेंटर के लिए रवाना हुए यशवंत, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों ने दी विदाई
जॉइनिंग के दिन डिपो पारा मोहल्ले में एक उत्सव जैसा नजारा देखने को मिला। परिजनों, गुरुओं और दोस्तों ने मिलकर यशवंत के लिए एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया। भारत माता की जय के नारों के बीच यशवंत का तिलक लगाकर और फूलों की माला पहनाकर सम्मान किया गया। इस भावुक विदाई बेला पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष लक्ष्मण साहू, कोच राजेश नायर, हरीश सिन्हा, गिरीश गजपाल और योग शिक्षिका उत्तरा सिंग सहित भारी संख्या में मोहल्लेवासी उपस्थित रहे। धमतरी विधायक ओंकार साहू और महापौर रामू रोहरा ने भी फोन के माध्यम से यशवंत को इस बड़ी सफलता की बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



