
छत्तीसगढ़ सरकार श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए ‘नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना’ का संचालन कर रही है. इस योजना के जरिए मजदूरों के बच्चों को पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है. सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पैसों की कमी की वजह से किसी भी गरीब मजदूर के बच्चे की पढ़ाई न छूटे. इस योजना में लड़कों के मुकाबले लड़कियों को ज्यादा राशि प्रदान की जाती है ताकि प्रदेश में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा मिल सके.
गरीब परिवारों को संबल देने की कोशिश: योजना का मुख्य उद्देश्य
राज्य सरकार ने साल 2017 में इस छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की थी ताकि निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता न करनी पड़े. अक्सर आर्थिक तंगी के कारण मजदूर अपने बच्चों को स्कूल से निकाल लेते हैं. यह योजना न केवल उन्हें वित्तीय सहायता देती है बल्कि छात्रों को कॉलेज और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित भी करती है. इससे गरीब परिवारों के बच्चों को जीवन में बड़े मुकाम हासिल करने का अवसर मिलता है.
किसे मिलेगा लाभ? पात्रता से जुड़ी महत्वपूर्ण शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ नियम और पात्रता शर्तें तय की हैं जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है. इन शर्तों के आधार पर ही आवेदनों की जांच की जाती है.
- आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना जरूरी है.
- छात्र के माता या पिता का श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक होना अनिवार्य है.
- एक परिवार के अधिकतम दो बच्चे ही इस स्कॉलरशिप के लिए पात्र माने जाएंगे.
- बच्चा किसी मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज में नियमित रूप से पढ़ाई कर रहा हो.
- श्रमिक ने आवेदन की तारीख से पिछले एक साल के दौरान कम से कम 90 दिनों तक निर्माण श्रमिक के रूप में काम किया हो.
- इंजीनियरिंग या मेडिकल जैसे प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों को कम से कम एक साल तक पढ़ाई करना जरूरी है अन्यथा स्कॉलरशिप वापस करनी होगी.
फॉर्म भरने के लिए जरूरी कागजात: इन दस्तावेजों को रखें तैयार
आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आवेदकों को कुछ जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल और कागजी कॉपी अपने पास रखनी चाहिए. सही दस्तावेज न होने की स्थिति में आवेदन निरस्त किया जा सकता है.
- श्रमिक का वैध लेबर कार्ड (पंजीकरण कार्ड).
- माता-पिता और छात्र का आधार कार्ड.
- पिछली कक्षा की पास मार्कशीट की फोटोकॉपी.
- संबंधित स्कूल या कॉलेज के प्राचार्य द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र.
- बैंक पासबुक की साफ स्कैन्ड कॉपी.
- छात्र की पासपोर्ट साइज फोटो.
पैसे का पूरा हिसाब: पहली कक्षा से पीएचडी तक मिलने वाली स्कॉलरशिप
योजना के तहत मिलने वाली राशि कक्षा और छात्र की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग निर्धारित की गई है. यह राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजी जाती है.
- कक्षा 1 से 5 तक: छात्रों को 1,000 रुपये और छात्राओं को 1,500 रुपये सालाना मिलते हैं.
- कक्षा 6 से 8 तक: छात्रों को 1,500 रुपये और छात्राओं को 2,000 रुपये की मदद दी जाती है.
- कक्षा 9 से 12 तक: छात्रों के लिए 2,000 रुपये और छात्राओं के लिए 3,000 रुपये सालाना तय हैं.
- स्नातक (Graduation): छात्रों को 3,000 रुपये और छात्राओं को 4,000 रुपये मिलते हैं.
- स्नातकोत्तर (Post Graduation): छात्रों को 5,000 रुपये और छात्राओं को 6,000 रुपये दिए जाते हैं.
- प्रोफेशनल कोर्स (स्नातक स्तर): छात्रों को 6,000 रुपये और छात्राओं को 8,000 रुपये की राशि मिलती है.
- प्रोफेशनल कोर्स (स्नातकोत्तर स्तर): छात्रों को 8,000 रुपये और छात्राओं को 10,000 रुपये तक की सहायता मिलती है.
आवेदन कैसे करें? ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया की जानकारी
इच्छुक पात्र छात्र इस योजना के लिए दो तरीकों से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन जमा करने की समय सीमा शैक्षणिक सत्र शुरू होने से लेकर 31 दिसंबर तक होती है.
- ऑफलाइन तरीका: सबसे पहले अपने नजदीकी श्रम कार्यालय में जाकर ‘नौनिहाल छात्रवृत्ति फॉर्म’ प्राप्त करें. फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां सही-सही भरें और जरूरी दस्तावेजों को साथ लगाएं. इसके बाद भरा हुआ फॉर्म कार्यालय में जमा कर दें.
- ऑनलाइन तरीका: इसके लिए छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वहां ‘Naunihal Scholarship‘ सेक्शन पर क्लिक करें और अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें. फॉर्म भरने के बाद सभी मांगे गए दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें और अंत में फॉर्म सबमिट करें.
समय सीमा का रखें विशेष ध्यान और सावधानी
योजना का लाभ लेने के लिए समय का ध्यान रखना बहुत जरूरी है क्योंकि 31 दिसंबर के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते. इसके अलावा यह सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा दी गई बैंक जानकारी बिल्कुल सही है ताकि राशि ट्रांसफर में कोई रुकावट न आए. आवेदन करने से पहले अपने लेबर कार्ड की वैधता भी जरूर जांच लें क्योंकि पुराना या एक्सपायर हो चुका कार्ड मान्य नहीं होगा. इस योजना से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए छात्र सीधे अपने जिले के श्रम विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं.



