धमतरी से अलग होगा नगरी-सिहावा? बीजेपी नेता खूबलाल ध्रुव ने मुख्यमंत्री से की नया जिला बनाने की मांग

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित नगरी–सिहावा क्षेत्र को नया जिला घोषित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश मंत्री और धमतरी के पूर्व जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मांग की है। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों की सहूलियत और विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए नगरी–सिहावा को जल्द से जल्द नया जिला बनाया जाए।

प्रशासनिक पहुंच और विकास को मिलेगी रफ्तार

खूबलाल ध्रुव ने कहा कि वर्तमान में नगरी तहसील धमतरी जिले का एक अनुविभाग है। इसके अंतर्गत नगरी, बेलरगांव और कुकरेल जैसी बड़ी तहसीलें आती हैं। यदि इस पूरे क्षेत्र को मिलाकर नया जिला गठित किया जाता है, तो इससे आम जनता तक सरकारी योजनाओं की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़कों के जाल और रोजगार के नए अवसरों को तेजी से विस्तार मिलेगा। इससे स्थानीय कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान है खास

नगरी–सिहावा अंचल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र महानदी का उद्गम स्थल भी है, जिससे सिहावा पर्वत की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है। धमतरी जिला प्रशासन के आंकड़ों में भी इस क्षेत्र की भौगोलिक और प्राकृतिक संपदा को विशेष स्थान दिया गया है। ऐसे में इस पूरे क्षेत्र को जिला बनने की सभी प्रशासनिक पात्रताएं हासिल हैं।

जनभावना और जनहित से जुड़ा मुद्दा

बीजेपी नेता ने स्पष्ट किया कि नगरी–सिहावा को नया जिला बनाने की यह आवाज केवल किसी एक राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष की नहीं है। यह पूरा विषय क्षेत्र के लाखों लोगों की भावनाओं, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और समग्र विकास से जुड़ा हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की है कि वे क्षेत्र की जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक जरूरतों का बारीकी से अध्ययन कराकर जल्द ही जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू करें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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