
Diwali 2026 Purani Jhadoo Vastu Tips: दिवाली और धनतेरस पर घर की साफ-सफाई के साथ नई चीजें खरीदने की भी परंपरा है। इस दौरान कई लोग नई झाड़ू खरीदकर घर लाते हैं और पुरानी झाड़ू को बाहर कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र और ज्योतिषीय मान्यताओं में पुरानी झाड़ू को घर से बाहर निकालने के लिए कुछ खास नियम बताए गए हैं?
Diwali 2026: धार्मिक मान्यताओं में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि झाड़ू घर की गंदगी के साथ दरिद्रता को भी दूर करने का प्रतीक है। इसलिए इसे खरीदने, रखने और इस्तेमाल करने के साथ पुरानी झाड़ू को हटाने के भी कुछ नियम बताए गए हैं। आइए जानते हैं कि दिवाली पर पुरानी झाड़ू कब और कहां फेंकनी चाहिए और नई झाड़ू खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदना क्यों माना जाता है शुभ?
Dhanteras 2026: धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन और अन्य घरेलू वस्तुओं की खरीदारी की परंपरा है। इसी दिन झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है। मत्स्य पुराण से जुड़ी धार्मिक मान्यता के अनुसार, धनतेरस पर खरीदी गई वस्तुओं में वृद्धि होती है।
झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक मानने के कारण इसे धनतेरस पर खरीदना सुख-समृद्धि और बरकत से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि घर की नियमित साफ-सफाई से स्वच्छ वातावरण बना रहता है और मां लक्ष्मी का वास होता है।
पुरानी या टूटी हुई झाड़ू घर में क्यों नहीं रखनी चाहिए?
Purani Jhadoo Vastu Tips: वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, पुरानी और टूटी हुई झाड़ू को घर में लंबे समय तक रखना शुभ नहीं माना जाता। ऐसी झाड़ू को घर से बाहर कर देना चाहिए। धार्मिक विश्वास है कि खराब झाड़ू घर में नकारात्मकता और परेशानियों का कारण बन सकती है।
झाड़ू का इस्तेमाल घर की सफाई के लिए होता है। इसलिए इसे साफ-सुथरी जगह पर रखना और खराब होने पर बदल देना उचित माना जाता है।
दिवाली के दिन पुरानी झाड़ू फेंकनी चाहिए या नहीं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली के दिन पुरानी झाड़ू को घर से बाहर नहीं फेंकना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। इसलिए नई झाड़ू खरीदने के बाद पहले उसकी पूजा करें और अगले दिन से उसका इस्तेमाल शुरू करें।
मान्यता के अनुसार, दिवाली और गोवर्धन पूजा के अगले दिन यानी परेवा के बाद पुरानी झाड़ू को घर से बाहर किया जा सकता है। हालांकि, अलग-अलग ज्योतिषीय और वास्तु मान्यताओं में इसे हटाने के लिए अलग-अलग दिन बताए गए हैं।
पुरानी झाड़ू किस दिन फेंकना माना जाता है शुभ?
वास्तु और ज्योतिष से जुड़ी मान्यताओं में शनिवार, अमावस्या, होलिका दहन के अगले दिन और सूर्य या चंद्र ग्रहण के बाद पुरानी झाड़ू हटाने को शुभ बताया गया है। इनमें शनिवार और अमावस्या को विशेष महत्व दिया जाता है।
ऐसी मान्यता है कि इन दिनों पुरानी या टूटी हुई झाड़ू घर से बाहर करने पर उसके साथ नकारात्मकता भी दूर हो जाती है। वहीं गुरुवार, शुक्रवार और एकादशी के दिन पुरानी झाड़ू फेंकने से बचने की सलाह दी जाती है।
पुरानी झाड़ू कहां फेंकनी चाहिए? जानें जरूरी नियम
पुरानी झाड़ू को घर से बाहर करते समय कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
- झाड़ू को ऐसी जगह रखें, जहां किसी के पैर न लगें।
- इसे नाले या गंदगी वाली जगह पर न फेंकें।
- किसी पेड़ के पास झाड़ू रखने या फेंकने से बचने की मान्यता है।
- पुरानी झाड़ू को कभी जलाना नहीं चाहिए।
- झाड़ू को घर में छिपाकर और साफ जगह पर रखना चाहिए।
- इसे हमेशा लेटाकर रखें, खड़ा करके नहीं।
- झाड़ू पर पैर या जूते-चप्पल न लगने दें।
नई झाड़ू खरीदने और घर में रखने के वास्तु नियम
नई झाड़ू खरीदने के लिए मंगलवार, शनिवार और अमावस्या को शुभ माना गया है। इसके अलावा कृष्ण पक्ष में झाड़ू खरीदने की भी मान्यता है। शुक्ल पक्ष में झाड़ू खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है।
जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या शनि दोष का प्रभाव माना जाता है, उन्हें शनिवार के दिन नई झाड़ू खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे लोग मंगलवार या रविवार को झाड़ू खरीद सकते हैं।
घर में झाड़ू रखने के लिए उत्तर या पूर्व दिशा को शुभ माना गया है। इसे ऐसी जगह रखें जहां बाहर से आने वाले लोगों की नजर सीधे इस पर न पड़े। झाड़ू को हमेशा साफ स्थान पर और लेटाकर रखना चाहिए।
नोट: इस लेख में दी गई जानकारियां धार्मिक, ज्योतिषीय और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं। दक्षिण कोसल न्यूज इन मान्यताओं की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।



