
CG Dhan Kharidi 2026 Rules: छत्तीसगढ़ में आगामी 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत होने जा रही है। राज्य सरकार ने धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नीतिगत बदलाव किए हैं। तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन जारी करने की व्यवस्था में संशोधन किया गया है। अब किसानों को उनकी कुल कृषि भूमि के रकबे के हिसाब से टोकन दिए जाएंगे, ताकि उपार्जन केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके और हर अन्नदाता को आसानी से अपनी उपज बेचने का अवसर मिल सके।
रकबे के अनुसार तय किए गए टोकन
Tuhar Tunhar Token App New Update CG: नई व्यवस्था के तहत सीमांत किसानों यानी दो एकड़ से कम भूमि वाले कृषकों को केवल एक ही टोकन प्राप्त होगा, जिसके तहत उन्हें अपनी पूरी उपज एक साथ समिति में लानी होगी। दो से दस एकड़ तक के लघु किसानों को दो टोकन दिए जाएंगे, जिससे वे पचास-पचास प्रतिशत के अनुपात में दो बार में धान बेच सकेंगे। वहीं दस एकड़ से अधिक रकबे वाले बड़े किसानों को अधिकतम तीन टोकन मिलेंगे, जिसके जरिए वे चौंतीस, तैंतीस और तैंतीस प्रतिशत के अनुपात में तीन चरणों में अपनी फसल की बिक्री कर सकेंगे।
एग्रीस्टैक में पंजीयन और टोकन समय
CG Paddy Procurement 2026 Guidelines: डिजिटल माध्यम से टोकन प्राप्त करने के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन होना अनिवार्य किया गया है। मोबाइल ऐप के जरिए टोकन बुक करने की सुविधा रविवार से शुक्रवार तक सुबह साढ़े नौ बजे से शाम पांच बजे के बीच उपलब्ध रहती है। किसान इसके माध्यम से आगामी तीस दिनों तक की अवधि के लिए अग्रिम टोकन बुक कर सकते हैं। शासन द्वारा तय किया गया है कि कुल धान खरीदी का सत्तर प्रतिशत हिस्सा मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन जारी किया जाएगा, जबकि शेष तीस प्रतिशत टोकन स्थानीय उपार्जन समितियों के स्तर पर काटे जाएंगे।
पंद्रह नवंबर से पंद्रह जनवरी तक चलेगी खरीदी
CG Kisan Dhan Vikray Token System: राज्य में धान खरीदी का अभियान पंद्रह नवंबर 2026 से शुरू होकर पंद्रह जनवरी 2027 तक निर्धारित किया गया है। इस अवधि के दौरान सभी पंजीकृत किसान अपनी सुविधा के अनुसार धान बेच सकेंगे। प्रशासन की ओर से किसानों से अपील की गई है कि वे ऐप पर दिए गए सभी दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह समझ लें और तय समय-सीमा के भीतर ही अपने टोकन प्राप्त करें, ताकि खरीदी केंद्र पर पहुंचने पर किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बायोमेट्रिक प्रणाली से होगी पारदर्शी बिक्री
CG Agriculture Department News CG Dhan: धान खरीदी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस बार बायोमेट्रिक आधारित प्रणाली लागू की गई है। किसान पहले की तरह अपनी धान की मात्रा स्वयं दर्ज कर सकेंगे, लेकिन सत्यापन और बिक्री के समय बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य होगी। इसके अलावा किसानों को टोकन प्राप्त करने या धान बेचने के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर शासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क करने की सुविधा दी गई है।
उपार्जन केंद्रों पर प्रशासनिक तैयारियां पूरी
जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग द्वारा सभी धान उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। केंद्रों पर बारदाना, तौल मशीन, और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि अन्नदाताओं को अपनी मेहनत का फल बेचने के लिए किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े और पूरी प्रक्रिया सुगमता से संपन्न हो सके।



