
NEET UG 2026 Paper leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET-UG) 2026 को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। इस फैसले से उन 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर यह परीक्षा दी थी। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि अब इस पूरे स्कैम की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जा रही है ताकि दोषियों को बेनकाब किया जा सके।
राजस्थान के सीकर से जुड़े तार, एसओजी ने किया बड़ा खुलासा
नीट यूजी पेपर लीक की शुरुआत राजस्थान के सीकर जिले से हुई थी। शुरुआत में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) इसे महज एक गेस पेपर का वायरल होना मान रही थी। हालांकि, जैसे-जैसे तफ्तीश आगे बढ़ी, एसओजी ने स्वीकार किया कि परीक्षा से ठीक पहले जो गेस पेपर सोशल मीडिया पर फैला था, उसके सवाल मुख्य परीक्षा से पूरी तरह मेल खा रहे थे। इसी खुलासे ने एनटीए को बैकफुट पर धकेल दिया और अंततः परीक्षा निरस्त करने का कड़ा कदम उठाना पड़ा।
लीक हुए गेस पेपर से आए थे 150 तक हूबहू सवाल
जांच में जो सबसे डरावनी बात सामने आई, वह यह थी कि लीक हुए पेपर से लगभग 120 से 150 सवाल मुख्य परीक्षा में ज्यों के त्यों पूछ लिए गए थे। नीट यूजी में कुल 180 सवाल होते हैं, जिनमें से अकेले बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 30 सवाल हूबहू वही थे जो वायरल पेपर में मौजूद थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर प्रिंट होने के लिए जाने से पहले ही सवालों का पूरा सेट लीक कर दिया गया था। यह किसी संगठित गिरोह की मिलीभगत की ओर साफ इशारा करता है।
एनटीए की सफाई: छात्रों का भरोसा कायम रखना पहली प्राथमिकता
परीक्षा रद्द करने के अपने फैसले पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कहा है कि दोबारा एग्जाम कराना छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए मानसिक और आर्थिक रूप से कष्टकारी हो सकता है। लेकिन पारदर्शिता और परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए यह फैसला लेना अनिवार्य था। एनटीए ने भरोसा दिलाया है कि वे सीबीआई जांच में पूरा सहयोग करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। एजेंसी ने कहा कि प्रतिभावान छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो, यही उनकी प्राथमिकता है।
दोबारा परीक्षा के लिए नहीं भरना होगा कोई नया फॉर्म
परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों के मन में आवेदन को लेकर कई सवाल हैं। इस पर स्पष्टता देते हुए एनटीए ने कहा है कि जो अभ्यर्थी 3 मई की परीक्षा में शामिल हुए थे, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की कोई जरूरत नहीं होगी। पुराने आवेदन और रोल नंबर ही मान्य रहेंगे। छात्रों को परीक्षा के लिए दोबारा कोई फीस भी नहीं देनी होगी। एन टी ए ने यह भी संकेत दिए हैं कि पहले जमा की गई फीस के समायोजन या रिफंड पर भी विचार किया जा रहा है ताकि छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
परीक्षा केंद्र और तारीख को लेकर जल्द जारी होगा नोटिफिकेशन
छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोबारा परीक्षा कब होगी और उन्हें कौन सा शहर आवंटित किया जाएगा। एनटीए के मुताबिक, जो परीक्षा केंद्र छात्रों ने पहले चुने थे, उन्हें ही मान्य रखा जाएगा। दोबारा होने वाली परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर किया जाएगा। अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह या फर्जी मैसेज पर यकीन न करें और केवल आधिकारिक पोर्टल पर दी गई जानकारी को ही सही मानें।
अब सीबीआई के हाथ में पूरे मामले की कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राजस्थान पुलिस के बजाय सीबीआई इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचेगी। सीबीआई यह पता लगाएगी कि पेपर प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ या फिर किसी परीक्षा केंद्र के जरिए इसे बाहर भेजा गया। इस जांच के दायरे में एनटीए के कई अधिकारी और निजी वेंडर भी आ सकते हैं। फिलहाल, 22 लाख छात्र अब नई तारीखों का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे एक बार फिर निष्पक्ष माहौल में अपनी काबिलियत साबित कर सकें। आगामी परीक्षा के लिए सुरक्षा के इंतजाम पहले से ज्यादा सख्त रहने की उम्मीद है।



