बिरनपुर के शक्ति मंदिर में राहुल गांधी के नाम की ज्योत: कांग्रेसियों ने मांगी ‘पुरानी गलतियों’ की माफी, सत्ता वापसी की मनोकामना

बेमेतरा जिले का बिरनपुर गांव, जो कभी सांप्रदायिक हिंसा की आग में झुलसा था, आज एक अलग वजह से चर्चा में है। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने मां शक्ति के दरबार में राहुल गांधी के नाम से आस्था की ज्योत प्रज्वलित की है। स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने माता रानी के चरणों में मत्था टेककर न केवल पार्टी की मजबूती की कामना की, बल्कि पिछले चुनावों में हुई ‘अनजानी चूकों’ के लिए क्षमा याचना भी की। कार्यकर्ताओं का मानना है कि शक्ति के आशीर्वाद से ही क्षेत्र में दोबारा खुशहाली और पार्टी का वर्चस्व लौट सकता है।

हिंसा और सियासत का वो काला अध्याय

साल 2023 के अप्रैल महीने में बिरनपुर में दो समुदायों के बीच शुरू हुई मामूली झड़प ने हिंसक रूप ले लिया था। इस विवाद में भुनेश्वर साहू नामक युवक की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। इसके कुछ ही दिनों बाद दूसरे समुदाय के दो लोगों के शव भी खेतों में मिले, जिसने आग में घी डालने का काम किया। प्रशासन को हफ्तों तक धारा 144 और कर्फ्यू लगाना पड़ा था। देखते ही देखते यह पूरा मामला एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया, जिसने तत्कालीन कांग्रेस सरकार की नींव हिला दी थी।

हार की टीस और मां से माफी की गुहार

किसान कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि आपसी झगड़े को जिस तरह राजनीतिक रंग दिया गया, उसका सीधा खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ा। उनका मानना है कि बिरनपुर कांड के असर से केवल साजा विधानसभा ही नहीं, बल्कि प्रदेश की कई सीटों पर समीकरण बिगड़ गए और कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। अब कांग्रेसियों ने माता रानी से प्रार्थना की है कि जाने-अनजाने में कार्यकर्ताओं या नेताओं से जो भी गलतियां हुई हों, उन्हें माफ किया जाए। मंदिर में जल रही यह ज्योत इसी प्रायश्चित और भविष्य में जीत की उम्मीद का प्रतीक है।

साजा का वो उलटफेर जिसे भुला नहीं पा रही कांग्रेस

2023 के विधानसभा चुनाव में साजा सीट का परिणाम पूरे प्रदेश के लिए चौंकाने वाला था। सात बार के विधायक और तत्कालीन कद्दावर मंत्री रविंद्र चौबे को एक साधारण किसान ईश्वर साहू ने पटखनी दे दी थी। ईश्वर साहू उसी भुनेश्वर साहू के पिता हैं, जिनकी दंगों में जान गई थी। भाजपा ने इसे न्याय की लड़ाई बताते हुए ईश्वर साहू को मैदान में उतारा और करीब 5 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की। कांग्रेस के लिए यह हार एक गहरे जख्म की तरह है, जिसे भरने के लिए अब वे भक्ति और अध्यात्म का सहारा ले रहे हैं।

शांति बहाली और सत्ता वापसी का संकल्प

नवरात्रि के इस विशेष अनुष्ठान के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच एक नया संदेश देना चाहते हैं। जिला उपाध्यक्ष बलदाऊ प्रसाद मिश्रा और प्रदेश महासचिव राजेंद्र साहू का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य इलाके में स्थायी शांति बनाए रखना और कांग्रेस की उन्नति है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे आने वाले समय में फिर से जनता का विश्वास जीतेंगे और साजा सहित पूरे प्रदेश में तिरंगा लहराएंगे। मां शक्ति के दरबार में जलाई गई यह ज्योत अब जिले की राजनीति में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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