Amit Shah Bastar Visit: बस्तर में अमित शाह की बड़ी बैठक: 4 राज्यों के सीएम होंगे शामिल, रमन सिंह ने कहा- उस वक्त राहुल गांधी होते तो…

Amit Shah Bastar Visit: छत्तीसगढ़ के बस्तर में चुनावी गहमागहमी के बीच सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 19 मई को जगदलपुर के दौरे पर आ रहे हैं। वे यहां मध्य क्षेत्रीय परिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक की खास बात यह है कि इसमें छत्तीसगढ़ सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्री एक साथ एक ही टेबल पर बैठेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस दौरे को बस्तर के बदलते स्वरूप के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन साबित करता है कि बस्तर अब खौफ के साये से बाहर निकलकर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो चुका है।

जगदलपुर में जुटेगा दिग्गजों का जमावड़ा, विकास पर होगी चर्चा

अमित शाह की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में अंतर्राज्यीय सीमा विवाद, बुनियादी ढांचा और नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर रणनीति तैयार की जाएगी। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जब पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्री बस्तर की जमीन पर कदम रखेंगे, तो वे खुद अपनी आंखों से यहां के बदलते हालात देखेंगे। एक समय था जब नक्सलवाद का खात्मा असंभव माना जाता था, लेकिन अब सुरक्षा और विश्वास के दम पर बस्तर नई पहचान बना रहा है। यह बैठक केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि बस्तर के आत्मविश्वास को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच साबित होगी।

सोना और तेल बचाने की अपील पर छिड़ा सियासी संग्राम

विवाद की जड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस हालिया अपील में है जिसमें उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए नागरिकों से तेल की बचत करने और शादियों के सीजन में सोना खरीदने की रफ्तार कम करने का आग्रह किया था। इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए इसे सरकार की आर्थिक विफलता बताया। राहुल के तंज पर डॉ. रमन सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रमन सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को अभी आर्थिक विषयों की बुनियादी समझ नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि देश का अधिकांश सोना आयात होता है जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है और पीएम की अपील इसी बोझ को कम करने की एक दूरदर्शी सोच है।

शास्त्री जी का उदाहरण देकर राहुल गांधी को घेरा

डॉ. रमन सिंह ने राहुल गांधी की आलोचना को मानसिक अपरिपक्वता करार देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब देश संकट में था तब शास्त्री जी ने देशवासियों से एक वक्त का भोजन त्यागने का आह्वान किया था और जनता उनके साथ खड़ी हो गई थी। रमन सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी उस दौर में होते तो शायद वे शास्त्री जी के उस त्याग भरे आह्वान का भी मजाक उड़ाते। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी की बात की गहराई को समझेगी और राष्ट्रहित में उनके सुझावों पर अमल करेगी।

सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर पहरा

अमित शाह के दौरे और इतने बड़े आयोजन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। जगदलपुर और आसपास के इलाकों को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे ऑपरेशंस की समीक्षा भी की जाएगी। बस्तर की जनता और प्रशासन इस दौरे को लेकर बेहद उत्साहित हैं क्योंकि इससे क्षेत्र के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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