Magarlod Sankra Police Station Protest: धमतरी के सांकरा गांव में दो युवकों की गुंडागर्दी: सरकारी गौठान में जमकर की तोड़फोड़, कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने घेरा मगरलोड थाना

Magarlod Sankra Police Station Protest: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के ग्रामीण अंचलों में असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सांकरा में दो दबंग युवकों की हरकतों से पूरा गांव बेहद परेशान है। इन युवकों पर गांव के सरकारी गौठान की संपत्ति को बार-बार नुकसान पहुंचाने और वहां तोड़फोड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी जब स्थानीय पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर मगरलोड थाने का घेराव कर दिया और पुलिस प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

गांव के दो युवकों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप, सांकरा में तनाव का माहौल

यह पूरा विवाद मगरलोड क्षेत्र के ग्राम सांकरा से सामने आया है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव के ही दो मनचले और असामाजिक प्रवृत्ति के युवक पिछले कुछ दिनों से लगातार शासकीय गौठान परिसर में घुसकर वहां तोड़फोड़ कर रहे हैं। इन युवकों द्वारा आए दिन सरकारी ढांचे को नुकसान पहुंचाने और रोकने पर ग्रामीणों को डराने-धमकाने की घटनाएं सामने आ रही थीं। इन दोनों युवकों की इस मनमानी की वजह से शांत रहने वाले सांकरा गांव में पिछले कुछ दिनों से आपसी तनाव और नाराजगी का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों की आजीविका और सामूहिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र है गौठान, नुकसान से बढ़ी चिंता

गांव के बुजुर्गों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि शासन द्वारा निर्मित यह सरकारी गौठान केवल मवेशियों को रखने की जगह नहीं है, बल्कि यह पूरे गांव की एक महत्वपूर्ण सामूहिक संपत्ति है। सांकरा गांव के लोग इस परिसर का उपयोग विभिन्न प्रकार की सामाजिक, आर्थिक और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के संचालन के लिए करते हैं। ऐसे में इस सार्वजनिक स्थान पर लगातार हो रहे नुकसान की वजह से ग्रामीणों के दैनिक कार्यों में बाधा आ रही है, जिससे लोगों के बीच अपनी इस बहुमूल्य संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है।

पुलिस पर लगा एफआईआर दर्ज न करने का गंभीर आरोप, आवेदन देने के बाद भी सुस्त रहा प्रशासन

थाने का घेराव करने पहुंचे ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गौठान में पहली बार हुई तोड़फोड़ के तुरंत बाद ही उन्होंने मगरलोड थाने पहुंचकर लिखित आवेदन देकर नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की। इसी पुलिसिया निष्क्रियता की वजह से आरोपियों के हौसले और ज्यादा बढ़ गए।

न्याय की गुहार लेकर बड़ी संख्या में थाने पहुंचे महिला-पुरुष, मुख्य द्वार पर दिया धरना

प्रशासन की इस अनदेखी और लापरवाही से त्रस्त होकर शनिवार को सांकरा गांव के सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए। इनमें भारी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल थे। सभी ग्रामीण एकजुट होकर ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों से सीधे मगरलोड थाना परिसर पहुंचे। गुस्से से भरे ग्रामीणों ने थाने के मुख्य प्रवेश द्वार का घेराव करते हुए वहीं जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस के आला अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे थाने से वापस नहीं लौटेंगे।

उग्र आंदोलन की दी खुली चेतावनी, पुलिस की ओर से अब तक नहीं आया कोई आधिकारिक बयान

मगरलोड थाने के सामने घंटो चले इस प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया, तो यह आंदोलन केवल थाने तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रामीण आने वाले दिनों में चक्काजाम और जिला मुख्यालय स्तर पर उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। हालांकि, इस पूरे संवेदनशील घटनाक्रम और ग्रामीणों के गंभीर आरोपों पर अब तक मगरलोड पुलिस या जिला पुलिस विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

प्रशासनिक ढिलाई पर टिकी हैं सबकी नजरें, क्या सांकरा के ग्रामीणों को मिल पाएगा न्याय

फिलहाल मगरलोड थाना क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी ग्रामीणों को समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जनआक्रोश के इस बड़े विस्फोट के बाद धमतरी जिला पुलिस प्रशासन सांकरा गांव के इस मामले में क्या कानूनी रुख अपनाता है। क्या पुलिस राजनीतिक दबाव या स्थानीय प्रभाव को दरकिनार कर सरकारी गौठान में तोड़फोड़ करने वाले उन दो दबंगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी, या फिर ग्रामीणों को अपनी सामूहिक संपत्ति की रक्षा के लिए एक बार फिर सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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