
CG Government School New Uniform: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी खबर है. इस बार जब 16 जून से नया शिक्षा सत्र शुरू होगा, तो बच्चे एक बिल्कुल नए रंग-रूप की पोशाक में स्कूल जाते नजर आएंगे. राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म के रंग और डिजाइन को पूरी तरह बदलने का फैसला किया है. सत्र की शुरुआत की तारीख नजदीक आने के साथ ही अब शिक्षा विभाग और हाथकरघा संघ मिलकर सभी स्कूलों तक इस नई ड्रेस की खेप पहुंचाने के काम में पूरी ताकत से जुट गए हैं.
ब्लू चेक शर्ट और स्लेटी पैंट वाला होगा नया लुक, पूरे प्रदेश में लागू हुआ यह नियम
इस बार स्कूल यूनिफॉर्म का रंग और डिजाइन बेहद आधुनिक किया गया है. नए नियमों के अनुसार, अब छात्रों के लिए ब्लू चेक प्रिंट वाली शर्ट तय की गई है, जिसके साथ स्लेटी (ग्रे) रंग की पैंट या ट्यूनिक पहननी होगी. पिछले शैक्षणिक सत्र में इस नए ड्रेस कोड के बदलाव को केवल सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कुछ स्कूलों में ट्रायल के तौर पर लागू किया गया था. इस प्रयोग की सफलता को देखते हुए अब रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग सहित छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के सरकारी स्कूलों में इसे अनिवार्य कर दिया गया है. सरकार की तरफ से हर एक विद्यार्थी को एक साथ दो सेट यूनिफॉर्म मुफ्त दी जाएगी.
50 लाख से अधिक यूनिफॉर्म की है कुल मांग, आधे से ज्यादा स्टॉक जिलों में भेजा गया
हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ इस पूरी सिलाई और सप्लाई के काम को संभाल रहा है. नए सत्र के लिए प्रदेशभर से कुल 50,93,769 यूनिफॉर्म की मांग आई है. यह ड्रेस बच्चों को स्कूल शिक्षा विभाग और शिक्षा मिशन के माध्यम से बांटी जाती है. आंकड़ों के मुताबिक, शिक्षा विभाग की तरफ से 10,90,362 और शिक्षा मिशन की ओर से 40,03,407 यूनिफॉर्म की आवश्यकता जताई गई है. राहत की बात यह है कि कुल मांग में से 28 लाख से ज्यादा ड्रेस की सप्लाई जिलों में पूरी की जा चुकी है, जबकि बचे हुए स्टॉक को तेजी से रवाना किया जा रहा है.
दो हजार से अधिक महिला स्वसहायता समूहों को मिला रोजगार, बिलासपुर में है सबसे ज्यादा डिमांड
इस विशाल योजना के जरिए राज्य सरकार ने स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया है. यूनिफॉर्म तैयार करने का पूरा जिम्मा प्रदेश के 2001 महिला स्वसहायता समूहों को सौंपा गया है, जिससे हजारों महिलाओं को सीधे रोजगार मिला है. अगर जिलावार मांग पर नजर डालें, तो सबसे ज्यादा 3,12,368 यूनिफॉर्म की जरूरत बिलासपुर जिले में है. इसके बाद कोरबा में 2.81 लाख, बलौदाबाजार में 2.71 लाख, रायपुर में 2.69 लाख, बस्तर में 2.20 लाख, सूरजपुर में 2.07 लाख, महासमुंद में 2.04 लाख और कबीरधाम जिले में 2.01 लाख ड्रेस की मांग दर्ज की गई है.
33 में से 18 जिलों में पहुंच चुके हैं दोनों सेट, दूरदराज के इलाकों को दी गई प्राथमिकता
हाथकरघा संघ से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कुल 33 जिलों में से 18 जिलों में बच्चों के लिए यूनिफॉर्म के दोनों सेट सुरक्षित पहुंचा दिए गए हैं. इसके अलावा, 7 जिलों में पहला सेट पहुंच चुका है और बाकी बचे 9 जिलों में भी आपूर्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है. विभाग की रणनीति के तहत सबसे पहले बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरदराज और संवेदनशील जिलों में सप्लाई पूरी की गई है. मैदानी इलाकों की बात करें, तो दुर्ग संभाग के 7 में से 3 जिलों में खेप पहुंचनी शुरू हो गई है, हालांकि रायपुर जिले के कुछ ब्लॉक में अभी वितरण शुरू होना बाकी है.
इन 18 जिलों के स्कूलों में पहुंच चुकी है ड्रेस सामग्री, वितरण की तैयारी पूरी
राज्य के जिन जिलों में हाथकरघा संघ द्वारा यूनिफॉर्म के दोनों सेटों की शत-प्रतिशत डिलीवरी दे दी गई है, उनमें प्रमुख रूप से बस्तर और सरगुजा संभाग के जिले शामिल हैं. सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर, कोंडागांव, बस्तर और कांकेर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम समय से पहले पूरा हुआ है. इनके साथ ही बलरामपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों के स्थानीय गोदामों में भी कपड़े की खेप सुरक्षित पहुंच चुकी है.
स्कूल खुलने में बचे हैं सिर्फ 10 दिन, हर छात्र तक समय पर ड्रेस पहुंचाना बड़ी चुनौती
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने में अब महज 10 दिन का समय ही शेष रह गया है. हालांकि हाथकरघा संघ के अधिकारियों का दावा है कि स्कूल के पहले दिन से ही बच्चे नई ड्रेस में नजर आएंगे, लेकिन रायपुर संभाग और कुछ अन्य मैदानी जिलों की धीमी रफ्तार को देखते हुए मैदानी अमले पर काम का भारी दबाव है. सुदूर गांवों के भीतर स्थित प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के आखिरी बच्चे तक समय सीमा के भीतर यूनिफॉर्म के दोनों सेट पहुंचाना शिक्षा विभाग के समन्वय और परिवहन व्यवस्था के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है.



