
Raipur Airport Zero Luggage Ticket: हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए सस्ती टिकट की चमक कभी-कभी महंगी साबित हो सकती है। अगर आप कम किराए के चक्कर में बिना नियम पढ़े फ्लाइट टिकट बुक कर रहे हैं, तो एयरपोर्ट पर आपको अलग से बड़ी रकम चुकानी पड़ सकती है। आमतौर पर घरेलू उड़ानों में इकोनॉमी क्लास के यात्रियों को 15 किलोग्राम तक चेक-इन बैगेज मुफ्त ले जाने की सुविधा मिलती है। हालांकि, इंडिगो जैसी एयरलाइंस की ‘जीरो लगेज’ या ‘लाइट फेयर’ स्कीम के कारण यात्रियों को रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर भारी अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है।
रायपुर से इंदौर की यात्रा कर रहे यात्री को रद्द करनी पड़ी अपनी टिकट
Raipur Airport Update: हाल ही में रायपुर से इंदौर जा रहे एक यात्री को एयरपोर्ट काउंटर पर उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब उनके 15 किलो के बैग पर एयरलाइंस स्टाफ ने भारी शुल्क मांग लिया। यात्री ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के 15 किलो मुफ्त सामान वाले नियम का हवाला दिया, लेकिन एयरलाइंस प्रबंधन अपनी नीति पर अड़ा रहा। आखिरकार यात्री को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी। पीड़ित ने इस संबंध में नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए को लिखित शिकायत भेजकर एयरलाइंस की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है।
इंडिगो एयरलाइंस ने ‘लाइट फेयर’ के नियमों पर दी अपनी सफाई
IndiGo Zero Fare Issue: मामले पर इंडिगो एयरलाइंस के स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि यह नियम बुकिंग के दौरान ही वेबसाइट पर साफ-साफ दिखाई देता है। कंपनी बिना सामान और सामान के साथ दो अलग-अलग किराए के विकल्प देती है। जो यात्री बिना चेक-इन बैग के यात्रा करते हैं, उन्हें किराए में छूट दी जाती है। हालांकि, जानकारी के अभाव में जब लोग यह टिकट खरीदकर बैग के साथ एयरपोर्ट पहुंचते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त बैगेज चार्ज का भुगतान करना पड़ता है।
नॉर्मल फेयर और जीरो लगेज फेयर में अंतर को समझना जरूरी
फ्लाइट की सामान्य टिकट पर यात्री को 15 किलो चेक-इन बैगेज, 7 किलो हैंड बैग और एक पर्सनल लैपटॉप बैग ले जाने की अनुमति मिलती है। इसके विपरीत ‘लाइट’ या ‘जीरो लगेज’ फेयर में केवल 7 किलो का हैंड बैग ही साथ ले जाया जा सकता है। इसमें किसी भी तरह का चेक-इन बैग शामिल नहीं होता है। यदि इस टिकट पर काउंटर पर बैग जमा कराया जाता है, तो उस पर प्रति किलो के हिसाब से 600 से 700 रुपये और जीएसटी का भारी चार्ज लगाया जाता है।
ट्रेवल्स एसोसिएशन ने दी अधिकृत एजेंट से बुकिंग की सलाह
ट्रेवल्स एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमन जादवानी ने बताया कि दोनों तरह की टिकटों के दाम में बहुत मामूली अंतर होता है। इस छोटे से अंतर के चक्कर में यात्री अक्सर बुकिंग के समय ‘बैगेज अलाउंस’ के विकल्प की जांच नहीं करते। उन्होंने यात्रियों को सलाह दी है कि वे किसी अधिकृत ट्रेवल एजेंट के माध्यम से ही बुकिंग कराएं या खुद बुकिंग करते समय बैगेज से जुड़ी शर्तों को ध्यान से पढ़ें, ताकि एयरपोर्ट पर किसी विवाद से बचा जा सके।
एयरपोर्ट पर आए दिन हो रहे विवाद, यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत
रायपुर एयरपोर्ट पर ‘जीरो लगेज’ टिकट को लेकर आए दिन यात्रियों और एयरलाइंस स्टाफ के बीच कहासुनी की स्थिति बन रही है। बहुत से यात्रियों को इस नई नीति की जानकारी नहीं होती और वे सामान्य टिकट समझकर इसे खरीद लेते हैं। इस समस्या से बचने का एकमात्र तरीका यही है कि टिकट फाइनल करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपकी टिकट में 15 किलो का चेक-इन बैगेज शामिल है या नहीं।



