13 और 14 सितंबर को रायपुर-बिलासपुर रेल यात्रियों की बढ़ेगी मुसीबत, कई ट्रेनें रद्द, देखें लिस्ट

Raipur Bilaspur Train Cancelled: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल अंतर्गत उरकुरा रेलवे स्टेशन पर बुनियादी ढांचे के विकास का कार्य शुरू किया जा रहा है। उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग और उरकुरा (ईस्ट) से रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण कार्य को पूरा करने के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग का काम 12 और 13 सितंबर को किया जाएगा। सुरक्षा और तकनीकी कारणों से रेलवे प्रशासन ने इस दौरान रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और गोंदिया मार्ग पर चलने वाली कई लोकल और मेमू ट्रेनों के परिचालन को अस्थायी रूप से रद्द और आंशिक रूप से निरस्त करने का निर्णय लिया है।

रद्द रहेंगी ये प्रमुख लोकल ट्रेनें

दिनांक (Date)ट्रेन का नाम (Train Name)ट्रेन नंबर (Train No.)स्थिति (Status)
13 सितंबररायपुर-बिलासपुर मेमू68728पूरी तरह रद्द
13 सितंबरबिलासपुर-गेवरा रोड मेमू68734पूरी तरह रद्द
13 सितंबरगेवरा रोड-बिलासपुर मेमू68733पूरी तरह रद्द
13 सितंबरबिलासपुर-रायपुर मेमू68719पूरी तरह रद्द
13 सितंबरकोरबा-रायपुर पैसेंजर58203पूरी तरह रद्द
13 सितंबररायपुर-गेवरा रोड मेमू68746पूरी तरह रद्द
13 सितंबररायपुर-NSCB इतवारी पैसेंजर58206पूरी तरह रद्द
14 सितंबररायपुर-कोरबा पैसेंजर58204पूरी तरह रद्द
14 सितंबरNSCB इतवारी-रायपुर पैसेंजर58206पूरी तरह रद्द
14 सितंबरकोरबा-रायपुर मेमू68745पूरी तरह रद्द

बिलासपुर स्टेशन पर समाप्त और शुरू होगी गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू

Urkura Yard Remodeling SECR: गाड़ियों के पूर्ण निरस्तीकरण के अलावा कुछ ट्रेनों के गंतव्य में भी बदलाव किया गया है। 13 सितंबर को गोंदिया और झारसुगुड़ा से चलने वाली गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर (68861/68862) का परिचालन बिलासपुर स्टेशन तक ही सीमित रहेगा। यह ट्रेन बिलासपुर में ही समाप्त होगी और वहीं से वापस झारसुगुड़ा के लिए रवाना की जाएगी। इसके चलते गोंदिया से बिलासपुर के बीच इस गाड़ी का परिचालन निरस्त रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की समय सारणी की जांच करने की अपील की है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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