जिले में स्थानीय अवकाश की तारीख बदली, नुआखाई पर्व पर अब 18 सितंबर नहीं इस दिन रहेगी छुट्टी

CG Nuakhai Holiday: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नुआखाई पर्व पर मिलने वाले स्थानीय अवकाश की तिथि में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार पूर्व में निर्धारित 18 सितंबर 2026 की जगह अब 15 सितंबर 2026 को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा ने आधिकारिक आदेश जारी कर पूर्व में जारी वार्षिक अवकाश कैलेंडर में आंशिक संशोधन कर दिया है।

कलेक्टर रणबीर शर्मा ने जारी किया संशोधित आदेश

CG Gariaband Nuakhai Holiday: जिला कलेक्टर रणबीर शर्मा द्वारा वर्ष 2026 के लिए जिले में घोषित स्थानीय अवकाश की सूची में संशोधन का यह आदेश जारी किया गया है। प्रशासनिक आदेश के तहत नुआखाई पर्व का स्थानीय अवकाश अब 15 सितंबर 2026, मंगलवार को रहेगा। इस दिन जिले के सभी शासकीय कार्यालय और शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। इस बदलाव से स्थानीय लोगों को नुआखाई का पारम्परिक त्यौहार अपने परिजनों के साथ मनाने में सहूलियत होगी।

दशहरा महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा की तिथियां रहेंगी यथावत

Gariaband Local Holiday Changed: संशोधित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिले के अन्य दो स्थानीय अवकाशों की तिथियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दशहरा महाअष्टमी के अवसर पर 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को और दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर 9 नवंबर 2026, सोमवार को स्थानीय अवकाश पहले से तय कैलेंडर के अनुसार ही रहेगा। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि यह स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय और उपकोषालयों पर लागू नहीं होगा, वहां नियमित कामकाज जारी रहेगा।

कलेक्टरों को होता है 3 स्थानीय अवकाश घोषित करने का अधिकार

राज्य शासन के नियमों के अनुसार प्रत्येक जिले के कलेक्टर को अपने जिले की स्थानीय परंपराओं, लोक पर्वों और महत्वपूर्ण अवसरों के महत्व को देखते हुए हर साल 3 स्थानीय अवकाश घोषित करने का अधिकार होता है। गरियाबंद में नुआखाई पर्व की वास्तविक तिथि और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने 18 सितंबर के बजाय 15 सितंबर को छुट्टी देने का यह फैसला लिया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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