Raipur Blue Water Case: ब्लू वाटर में तैरने की शर्त लगाना पड़ा भारी, 72 घंटे बाद भी डूबे आदिल का कोई सुराग नहीं, सर्च ऑपरेशन जारी

Raipur Blue Water Case: राजधानी रायपुर से सटे चर्चित पर्यटन स्थल ब्लू वाटर में डूबे युवक आदिल का सुराग 72 घंटे बीत जाने के बाद भी नहीं मिल सका है। बुधवार शाम को दोस्तों के साथ घूमने पहुंचे आदिल की गहरे पानी में डूबने से जान चली गई थी। गुरुवार और शुक्रवार को चले असफल अभियानों के बाद शनिवार सुबह एक बार फिर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने नए सिरे से खोजबीन शुरू की है। इस दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के गोताखोर भी मौके पर मौजूद हैं और खदान के गहरे पानी में आदिल के शव की तलाश में जुटे हुए हैं।

दोस्तों के बीच लगी थी तैरने की शर्त, गहरे पानी में जाने के बाद लापता हुआ आदिल

घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, आदिल बुधवार की शाम अपने कुछ दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए ब्लू वाटर खदान क्षेत्र पहुंचा था। वहां घूमते समय दोस्तों के बीच ब्लू वाटर के पानी को तैरकर पार करने की शर्त लग गई। शर्त जीतने के चक्कर में आदिल पानी में उतर गया। शुरू में वह किनारे के पास तैरता रहा, लेकिन जैसे ही वह खदान के गहरे पानी की ओर बढ़ा, उसका संतुलन बिगड़ गया और वह देखते ही देखते पानी के भीतर समा गया। किनारे पर खड़े उसके साथी जब तक कुछ समझ पाते या मदद के लिए पुकारते, आदिल पानी के नीचे जा चुका था।.

वर्ष 2017 से अब तक दर्ज 10 लोगों की गई जान

क्र.समय/वर्षमृतक का नाम / विवरणघटना का विवरण
1अगस्त 2026आदिल खान (24 वर्ष, निवासी: मौदहापारा)दोस्तों के साथ खदान पार करने की शर्त लगाकर तैरते समय गहरे पानी में डूबने से मौत
2अक्टूबर 2025जयेश साहू और मृदुल (दो स्कूली छात्र)स्कूल बंक कर खदान में नहाने गए थे और गहरे पानी में डूब गए
3जून 2023नदीम, फैजल और शहबाज (3 युवक)खदान में नहाने के दौरान गहरे पानी में डूबने से जान गंवाई
4मार्च 20232 युवकखदान के गहरे पानी में डूबने से हादसा हुआ
5मई 2019मोहन बाघ (17 वर्ष)खदान के पानी में डूबने से मौत
6वर्ष 2017सुनैना (17 वर्ष)खदान में डूबने से मृत्यु

SDRF और NDRF की संयुक्त टीम तैनात, अत्यधिक गहराई बनी रेस्क्यू में रोड़ा

युवक के डूबने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई थी। शुरुआती प्रयास निष्फल रहने पर एनडीआरएफ के विशेषज्ञ गोताखोरों को भी बचाव कार्य में लगाया गया। रेस्क्यू टीम के अधिकारियों के अनुसार, खदान का पानी अत्यधिक गहरा होने के कारण शव को ढूंढने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी के नीचे दृश्यता काफी कम है और खदान के निचले हिस्से की बनावट असमान होने की वजह से गोताखोरों को काफी सतर्कता बरतनी पड़ रही है। शनिवार सुबह से बोट और अत्याधुनिक उपकरणों के सहारे खदान के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

पहले भी हो चुके हैं जानलेवा हादसे, सुरक्षा इंतजाम न होने से उठ रहे सवाल

माना क्षेत्र के पास स्थित यह ब्लू वाटर खदान अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। हालांकि, यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण पूर्व में भी डूबने की कई जानलेवा घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा लोगों की आवाजाही को रोकने या नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। इस ताज़ा हादसे के बाद एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि इस खतरनाक हिस्से के चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेरा बनाया जाए और जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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