VIDEO: बेमेतरा के बाद कवर्धा के राज्योत्सव में भारी बवाल: भाजपा कार्यकर्ता और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रमों के दौरान प्रदेश के दो अलग-अलग जिलों, कवर्धा और बेमेतरा, में विवाद की स्थिति बनी। कवर्धा में बैठक व्यवस्था को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जबकि बेमेतरा में विधायक समेत बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया और कलेक्टर को हटाने की मांग की।

कवर्धा में पुलिस और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झूमा-झटकी

कवर्धा जिले के पीजी कॉलेज मैदान में 3 नवंबर की रात करीब 12 बजे छत्तीसगढ़ी लोक गायक अनुराग शर्मा का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान बैठक व्यवस्था को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता और ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच किसी बात पर विवाद हो गया, जो धक्का-मुक्की और झूमा-झटकी में बदल गया।

  • बदसलूकी: सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर भद्दी-भद्दी गालियाँ दीं।
  • नुकसान: हाथापाई में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की वर्दी के बटन और नेम प्लेट टूट गए।
  • माहौल शांत: विवाद के कारण कार्यक्रम स्थल पर काफी देर तक गहमा-गहमी का माहौल रहा, जिसे नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी ने कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत कराया और बाद में पुलिस ने स्थिति को सामान्य किया।

देखिये वीडियो-

बेमेतरा में कलेक्टर से बहस के बाद विधायक ने छोड़ा कार्यक्रम

2 नवंबर को बेमेतरा शहर के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित राज्योत्सव का पहला दिन विवादों से घिरा रहा। यहाँ देर रात कलेक्टर रणबीर शर्मा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई।

  • विवाद का आरोप: भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने नगर पालिका पार्षदों को डांट फटकार लगाते हुए पीछे बैठने को कहा था।
  • अपमान का आरोप: पार्षदों पर आरोप लगा कि महिला अधिकारियों ने उन्हें प्रथम पंक्ति के सोफे से उठाकर पीछे बैठा दिया। पार्षदों ने उन्हें खाने को लेकर भी अपमानित किए जाने का आरोप लगाया।
  • विरोध और बहिष्कार: स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विधायक दीपेश साहू के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद विधायक समेत अन्य भाजपा कार्यकर्ता कार्यक्रम छोड़कर चले गए।

कलेक्टर को हटाने की मांग पर अड़े BJP कार्यकर्ता

इस घटनाक्रम के बाद विधायक दीपेश साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल को घटना की जानकारी दी।

  • आरोप: विधायक दीपेश साहू ने फोन पर कहा कि कलेक्टर ने कार्यकर्ताओं से दुर्व्यवहार और डांट फटकार किया है, जो बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कलेक्टर के तानाशाही रवैये और उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार व कमीशन खोरी की शिकायत भी की।
  • अंतिम निर्णय: बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जब तक कलेक्टर बेमेतरा से नहीं हटाए जाएंगे, तब तक कोई भी भाजपा कार्यकर्ता या जनप्रतिनिधि किसी शासकीय कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा।

अधिकारियों का पक्ष

  • कलेक्टर रणबीर शर्मा: कलेक्टर ने आरोपों को झूठा बताया और कहा कि महिला अधिकारियों द्वारा पार्षदों को उठाकर सोफे पर बैठ जाने की कोई घटना नहीं हुई है।
  • जिपं सीईओ प्रेमलता पद्माकर: उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी कोई घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं है, हालाँकि वह कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित थीं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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