
धमतरी जिले के मगरलोड इलाके में एक नवविवाहिता की मौत की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। शुरुआती जांच में जिसे सामान्य मौत बताया जा रहा था, वह दरअसल सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति चंद्रशेखर यादव और उसकी सास को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि घर में संतान न होने की बात को लेकर अक्सर विवाद होता था, जो अंततः एक खौफनाक वारदात में बदल गया। पुलिस अब दोनों आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी कर रही है।
संदिग्ध मौत से उठा पर्दा: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पति के झूठ की पोल
मामला करेलीबड़ी पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम हरदी का है। 30 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि एक महिला की घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मौके पर पहुंची पुलिस को शुरुआत में मामला उलझा हुआ लगा, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। डॉक्टरों की रिपोर्ट में साफ हुआ कि महिला की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि गला घोंटने की वजह से दम घुटने से हुई थी। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस का शक सीधे पति चंद्रशेखर पर गया और पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ।
संतान न होना बना विवाद की जड़: रस्सी से घोंटा पत्नी का गला
पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में 26 वर्षीय आरोपी चंद्रशेखर यादव टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि शादी के कुछ समय बीत जाने के बाद भी संतान सुख न मिलने के कारण मियां-बीवी के बीच अक्सर कहासुनी होती थी। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर झगड़ा इतना बढ़ गया कि चंद्रशेखर ने आपा खो दिया। उसने घर में रखी नायलॉन की एक काली रस्सी उठाई और अपनी पत्नी का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई रस्सी भी जब्त कर ली है।
साक्ष्य छिपाने में सास का हाथ: सीने में दर्द का झूठा नाटक पड़ा भारी
इस हत्याकांड में केवल पति ही नहीं, बल्कि सास रीना बाई यादव की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। अपनी बहू की हत्या की बात जानकर भी उसने पुलिस और पड़ोसियों को गुमराह करने की कोशिश की। सास ने गांव में यह अफवाह फैला दी कि बहू की मौत अचानक सीने में दर्द उठने की वजह से हुई है। पुलिस ने जब वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, तो सास का यह झूठ पकड़ा गया। साक्ष्य छिपाने और अपराधी की मदद करने के आरोप में 46 वर्षीय सास को भी सह-आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है।
सूक्ष्म निरीक्षण और गवाही: पुलिस ने हर एंगल से खंगाला मामला
मगरलोड पुलिस ने इस अंधे कत्ल को सुलझाने के लिए घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम और स्थानीय गवाहों के बयानों के आधार पर कड़ियां जोड़ी गईं। जांच अधिकारियों ने बताया कि मृतका के शरीर पर मिले निशानों और घर की परिस्थितियों ने चंद्रशेखर के बयानों को संदिग्ध बना दिया था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस वारदात में परिवार का कोई और सदस्य भी शामिल था या पहले से ही हत्या की कोई योजना बनाई गई थी।
सख्त कानूनी कार्रवाई: आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की तैयारी
धमतरी पुलिस अब इस मामले के सभी तकनीकी और चश्मदीद सबूतों को अदालत के सामने पेश करने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक जघन्य अपराध है, जिसमें न केवल एक जान ली गई बल्कि उसे छिपाने की भी कोशिश हुई। आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस सुनिश्चित कर रही है कि ठोस चार्जशीट तैयार की जाए ताकि पीड़िता के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
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