
Ramvichar Netam Statement On Paddy Bonus: छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ विपणन वर्ष के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। राज्य शासन की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदेशभर में पंद्रह नवंबर से धान खरीदी का कार्य शुरू किया जाएगा। इस बीच किसानों को कम उत्पादन होने पर भी पूरा बोनस दिए जाने के कयासों पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट किया है कि इस विषय पर फिलहाल शासन स्तर पर विचार मंथन चल रहा है और मौजूदा नीति के तहत ही खरीदी की जाएगी।
कृषि मंत्री का बोनस पर स्पष्टीकरण
CG Paddy Procurement 2026: रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यदि किसी किसान का धान उत्पादन इक्कीस क्विंटल से कम होता है और वह कम मात्रा में ही फसल बेचता है, तो उसे पूरे इक्कीस क्विंटल का अंतर राशि भुगतान देने के संबंध में अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यह पूरा मामला फिलहाल प्रशासनिक प्रक्रिया और विचार के दायरे में है।
27.50 लाख किसानों से होगी खरीदी
CG Paddy Procurement Check Posts And QR Code: इस वर्ष राज्य सरकार खरीफ सीजन के दौरान सत्ताईस लाख पचास हजार से अधिक पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदेगी। किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम इक्कीस क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी। सरकार द्वारा इस वर्ष भी किसानों को प्रति क्विंटल तीन हजार एक सौ रुपए की दर से भुगतान किया जाएगा, जिससे राज्य के लाखों अन्नदाताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
राज्य में बनाए गए 360 नए उपार्जन केंद्र
धान खरीदी व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने के लिए सरकार ने इस वर्ष तीन सौ साठ नए उपार्जन केंद्र शुरू किए हैं। इन नए केंद्रों के जुड़ने से अब पूरे छत्तीसगढ़ में कुल इक्कीस सौ खरीदी केंद्र सक्रिय रहेंगे। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले किसानों को अपना धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर विकल्प मिल जाएंगे।
तुंहर टोकन एप से घर बैठे मिलेगा नंबर
Tuhar Token Mobile App CG: किसानों को समितियों में लंबी लाइनों से बचाने के लिए खाद्य विभाग द्वारा ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप की सुविधा दी गई है। किसान इस एप के माध्यम से चौबीस घंटे कभी भी घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं। व्यवस्था के तहत कुल खरीदी सीमा का सत्तर प्रतिशत हिस्सा एप के जरिए और तीस प्रतिशत टोकन समिति स्तर से जारी किए जाएंगे।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड सेंटर से सख्त मॉनिटरिंग
धान खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या बिचौलियों की दखलंदाजी रोकने के लिए शासन ने निगरानी तंत्र को बेहद मजबूत कर दिया है। इसके लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की क्षमता बढ़ाई गई है। इसके माध्यम से खरीदी केंद्रों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी और शिकायतों का समाधान तय समय-सीमा के भीतर किया जाएगा।
सीमावर्ती इलाकों में 273 चेक पोस्ट तैनात
पड़ोसी राज्यों से छत्तीसगढ़ के उपार्जन केंद्रों में अवैध रूप से धान खपाने वाले तस्करों पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। इसके लिए पूरे राज्य में दो सौ तिहत्तर चेक पोस्ट और एक सौ इकतीस सीमावर्ती उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। विशेष जांच दल सीमाओं पर आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच करेंगे ताकि स्थानीय किसानों का हक सुरक्षित रह सके।
क्यूआर कोड और लोकेशन से होगी निगरानी
खरीफ वर्ष के दौरान धान के अवैध पुनर्चक्रण को रोकने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। चावल की हर बोरी पर क्यूआर कोड आधारित स्कैनिंग और ट्रेसेबिलिटी की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा धान का उठाव करने वाले वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाएंगे, जिससे परिवहन के दौरान हर गतिविधि की वास्तविक समय में निगरानी हो सकेगी।



