आधे भारत पर साइक्लोन अर्नब का साया, 150 किमी की रफ्तार से टकराया चक्रवात अर्नब, सैटेलाइट तस्वीर में दिखा डराने वाला मंजर

Cyclone Arnab Satellite Image: आंध्र प्रदेश तट से टकराने वाले चक्रवात अर्नब का विशाल और भयानक रूप अब अंतरिक्ष से भी साफ नजर आ रहा है। भारत के अत्याधुनिक मौसम उपग्रह इंसैट-3डीएस (INSAT-3DS) ने इस चक्रवात की एक स्पष्ट और व्यापक तस्वीर कैद की है। तस्वीर में तूफान के घने और विशाल बादल देश के आधे हिस्से तक फैले हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि चक्रवात ने तट पर लैंडफॉल पूरा कर लिया है, लेकिन इसके बाद भी कई राज्यों में भारी बारिश और खराब मौसम का गंभीर खतरा बना हुआ है।

आंध्र प्रदेश और यानम तट पर लैंडफॉल

Andhra Pradesh Cyclone Landfall Update: मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार चक्रवात अर्णब ने अट्ठाइस अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों के बीच अपनी लैंडफॉल प्रक्रिया पूरी की। तट से टकराते समय इस चक्रवात की तीव्रता बहुत अधिक थी। हवा की लगातार रफ्तार एक सौ पच्चीस से एक सौ पैंतीस किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई, जबकि हवा के तेज झोंके बढ़कर एक सौ पचास किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गए थे।

अंतरिक्ष से दिखा बादलों का विशाल घेरा

Cyclone Arnab Impact And Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम उपग्रह इंसैट-3डीएस द्वारा ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में इस चक्रवात का एक बहुत बड़ा और विस्तृत दायरा दिखाई दे रहा है। तस्वीर में तूफान के काले और सफेद घने बादल पूर्वी तथा दक्षिणी भारत के कई राज्यों के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी के ऊपर तक फैले हुए नजर आ रहे हैं। अंतरिक्ष से लिया गया यह नजारा इस बात की गवाही दे रहा है कि इस मौसमी आपदा का प्रभाव कितने बड़े भूभाग पर पड़ा है।

नौ बजे सुबह ली गई उपग्रह तस्वीर

Narsapur Yanam Cyclone Landfall News: मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह सैटेलाइट तस्वीर अट्ठाइस अक्टूबर को सुबह साढ़े नौ बजे से पौने दस बजे के बीच की है। इस तस्वीर में तूफान के केंद्र के आसपास बेहद घने बादलों की परतें और दूर तक फैली हुई घुमावदार पट्टियां साफ तौर पर देखी जा सकती हैं। इन पट्टियों से यह समझने में आसानी होती है कि तूफान के भीतर हवाएं किस दिशा में और कितनी तीव्रता से चक्कर लगा रही हैं।

चमकीले बादलों से भारी बारिश के संकेत

INSAT 3DS Weather Satellite Imagery: उपग्रह से मिली तस्वीरों में जो हिस्से बहुत अधिक चमकीले सफेद रंग में दिखाई दे रहे हैं, वे असल में बहुत ऊंचाई पर मौजूद घने और ठंडे बादल हैं। मौसम विज्ञान की भाषा में ऐसे बादलों का दिखना इस बात का संकेत होता है कि संबंधित क्षेत्रों में तीव्र गति से मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली चमकने जैसी घटनाएं होने वाली हैं। हालांकि सिर्फ तस्वीर देखकर सटीक बारिश का पैमाना नहीं लगाया जा सकता है।

जमीन के अंदर बढ़ने लगा तूफान का केंद्र

तट को पार करने के बाद चक्रवात अर्नब का मुख्य केंद्र अब धीरे-धीरे जमीन के अंदरूनी हिस्सों की तरफ आगे बढ़ रहा है। आमतौर पर समुद्र की गर्म सतह और नमी से ऊर्जा पाने वाले चक्रवात जब स्थलीय भाग पर पहुंचते हैं, तो उन्हें ईंधन मिलना बंद हो जाता है और वे कमजोर होने लगते हैं। इसके बावजूद तटीय और मैदानी इलाकों में इसका असर तुरंत समाप्त नहीं होता है।

लैंडफॉल के बाद भी क्यों बना है खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि तट पार करने के बाद भी चक्रवात के साथ चल रहे भारी नमीयुक्त बादल दूरदराज के इलाकों में भी भयंकर बारिश कर सकते हैं। इसके कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी भरना और नदियां उफान पर आने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। साथ ही तेज हवाओं के झोंकों से पेड़ों के उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा भी बना रहता है।

प्रशासन और नागरिकों के लिए चेतावनी

खतरे की इस स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित राज्यों में पूरी चौकस नजर बनाए रखी है। वैज्ञानिकों का अगला आकलन इस बात पर है कि जमीन पर आगे बढ़ते हुए यह तूफान किस रास्ते से होकर गुजरेगा। मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे प्रशासनिक चेतावनियों पर पूरा ध्यान दें और अनावश्यक रूप से खराब मौसम के दौरान बाहर निकलने से बचें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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