
Saraswati Cycle Scheme Lailunga Ravi Bhagat VIDEO: रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कुपाकानी गांव के शासकीय स्कूल में सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान भारी बवाल हो गया। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने छात्राओं को बांटी जा रही साइकिलों की खराब गुणवत्ता को लेकर मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को घेरते हुए योजना में भारी वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
स्कूल परिसर में साइकिल वितरण के दौरान मचा बवाल
शासकीय विद्यालय परिसर में छात्राओं को योजना के तहत नई साइकिलें वितरित की जा रही थीं। कार्यक्रम के बीच ही रवि भगत अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और साइकिलों के निर्माण और पुर्जों की क्वालिटी पर कड़ा ऐतराज जताया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उन्होंने साइकिल लेने आई छात्राओं से उन्हें वापस करने को कह दिया। इसके बाद स्कूल परिसर में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और वितरण कार्यक्रम रोक दिया गया।
घटिया क्वालिटी और योजना में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
रवि भगत का कहना था कि सरकारी खजाने से पैसा जारी होने के बावजूद छात्राओं को बेहद घटिया क्वालिटी की साइकिलें दी जा रही हैं, जो सुरक्षा और मजबूती के मानकों पर खरी नहीं उतरतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी योजना के नाम पर जिम्मेदार अधिकारियों और सप्लायरों की साठगांठ से धांधली की जा रही है। उन्होंने वितरण तुरंत रोककर पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
स्कूल प्रबंधन और अधिकारियों की सूचना पर पहुंची पुलिस
कार्यक्रम स्थल पर काफी देर तक चले हंगामे और काम में बाधा उत्पन्न होने की जानकारी लैलूंगा थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने हंगामा कर रहे रवि भगत को हिरासत में ले लिया। एसएसपी शशिमोहन सिंह ने रवि भगत को हिरासत में लिए जाने की औपचारिक पुष्टि की है।
पुलिस जांच जारी, क्षेत्र में गरमाई राजनीति
फिलहाल लैलूंगा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और स्कूल परिसर में मौजूद गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद रायगढ़ जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रशासन पूरे मामले की वैधानिक जांच की बात कह रहा है।



