
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में सूरज के तीखे तेवर और बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अप्रैल की शुरुआत के साथ ही पारा तेजी से चढ़ रहा है, जिससे स्कूली बच्चों की सेहत पर खतरा मंडराने लगा है। बच्चों को झुलसाने वाली गर्मी और लू की चपेट से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव का नया टाइम टेबल जारी कर दिया है। यह आदेश जिले के सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
10 अप्रैल तक नहीं होगा बदलाव: पहले की तरह आयोजित होंगी वार्षिक परीक्षाएं
जिले में फिलहाल छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा पहली से आठवीं तक की स्थानीय और बोर्ड परीक्षाएं जारी हैं। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, छोटे बच्चों की परीक्षाएं पहली शिफ्ट में हो रही हैं, जबकि कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं दोपहर की दूसरी शिफ्ट में संचालित की जा रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए 10 अप्रैल तक समय में कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। सभी परीक्षाएं अपने निर्धारित समय पर ही संपन्न होंगी ताकि छात्रों की तैयारी प्रभावित न हो।
11 अप्रैल से लागू होगा नया शेड्यूल: सुबह 11:30 बजे तक ही खुलेंगे स्कूल
परीक्षाएं समाप्त होने के ठीक बाद यानी 11 अप्रैल 2026 से स्कूलों का नया समय प्रभावी हो जाएगा। नए नियम के मुताबिक अब स्कूल सुबह 07:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 11:30 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। दोपहर की भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से राहत देने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इस कटौती के बाद छात्रों को दोपहर की तपिश शुरू होने से पहले ही घर पहुंचने की सुविधा मिल जाएगी। स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि छुट्टी के समय बच्चों को धूप में अधिक समय तक न रुकना पड़े।
शिक्षकों और स्टाफ को भी राहत: लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह
समय में किए गए इस बदलाव का लाभ केवल छात्र-छात्राओं को ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और अन्य स्टाफ को भी मिलेगा। प्रशासन ने सभी स्कूलों को पीने के साफ पानी और ओआरएस के घोल जैसी बुनियादी सुविधाएं रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी बच्चों को सूती कपड़े पहनने और खाली पेट स्कूल न आने की सलाह दी है। अगर किसी बच्चे की तबीयत बिगड़ती है, तो स्कूल प्रबंधन को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। यह अस्थायी व्यवस्था आगामी मानसून की दस्तक या अगले आदेश तक जारी रहेगी।



