
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शेष अवधि के लिए भांग की थोक दुकानों के संचालन हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस प्रक्रिया के तहत इच्छुक कारोबारी 1 अप्रैल से लेकर 15 अप्रैल 2026 तक अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल कार्यालयीन समय के दौरान ही स्वीकार किए जाएंगे। सरकारी छुट्टियों के दिनों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। यह कदम भांग के व्यापार को व्यवस्थित करने और राजस्व संग्रहण को मजबूती देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नवा रायपुर के जीएसटी भवन में जमा होंगे फॉर्म
लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित प्रपत्र के साथ सभी जरूरी दस्तावेज संलग्न करने होंगे। भरे हुए आवेदन पत्र आबकारी आयुक्त कार्यालय, जीएसटी भवन, अटल नगर, नवा रायपुर में जमा कराने की व्यवस्था की गई है। विभाग ने आवेदकों को आगाह किया है कि वे फॉर्म भरते समय सावधानी बरतें। नियमों के उल्लंघन या अपूर्ण जानकारी पाए जाने पर आवेदन सीधे तौर पर खारिज कर दिए जाएंगे। दस्तावेजों की सत्यता की जांच के बाद ही आवेदकों को अगले चरण के लिए योग्य माना जाएगा।
17 अप्रैल को खुलेगी भाग्य की लॉटरी
दुकानों के आवंटन के लिए पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके लिए 17 अप्रैल 2026 को दोपहर 3 बजे मैनुअल लॉटरी का आयोजन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के जरिए ही अंतिम रूप से संचालकों का चयन होगा। यदि किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से तय समय पर लॉटरी नहीं निकल पाती है, तो विभाग द्वारा नई तारीख की घोषणा की जाएगी। लॉटरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा सकती है ताकि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रहे।
विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध हैं दिशा-निर्देश
आवेदन से जुड़ी बारीकियों और नियम-शर्तों को समझने के लिए आबकारी विभाग ने आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत गाइडलाइन अपलोड कर दी है। इसके अलावा, जो लोग व्यक्तिगत रूप से जानकारी चाहते हैं, वे कार्यालयीन समय में विभागीय दफ्तर जाकर अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। वेबसाइट पर आवेदन का प्रारूप और पात्रता संबंधी जानकारी भी मौजूद है, जिससे दूर-दराज के आवेदकों को सुविधा होगी।
कारोबारियों के लिए सख्त नियम और शर्तें
लाइसेंस मिलने के बाद संचालकों को आबकारी विभाग के कड़े नियमों के तहत दुकान चलानी होगी। इसमें स्टॉक का हिसाब-किताब रखने से लेकर निर्धारित मात्रा में ही बिक्री करने जैसे निर्देश शामिल हैं। नियमों की अनदेखी करने पर लाइसेंस रद्द करने और भारी जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। विभाग का लक्ष्य है कि भांग की बिक्री पूरी तरह कानूनी दायरे में रहकर हो और किसी भी प्रकार के अवैध व्यापार पर लगाम कसी जा सके।
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