
Jashpur News: जशपुर जिले के पत्थलगांव से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में शहनाइयों की गूंज सुनाई देने वाली थी, वहां अब चीख-पुकार मची है। सात फेरों से महज पांच दिन पहले एक होने वाली दुल्हन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घर में शादी की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं और मेहमानों का आना शुरू होने वाला था, लेकिन एक रात पहले हुई इस खौफनाक वारदात ने पूरे गांव को सन्न कर दिया है।
प्रेम संबंध के बाद तय हुआ था विवाह
घटना पत्थलगांव के सुखरापारा ग्राम की है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सुखरापारा निवासी पंकज सिदार और रायगढ़ जिले के पोतरा गांव की रहने वाली मोनिका सिदार के बीच पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे और आपसी सहमति से साथ रहने लगे थे। शुरुआत में कुछ अड़चनों के बाद दोनों के परिवार इस रिश्ते के लिए राजी हो गए थे। परिजनों की रजामंदी मिलने के बाद ही शादी की तारीख तय की गई थी और कार्ड बांटे जा चुके थे।
13 अप्रैल से शुरू होने वाली थीं रस्में
पंचांग और शुभ मुहूर्त के अनुसार, 13 यानि आज से 15 अप्रैल के बीच विवाह की रस्में संपन्न होनी थीं। मोनिका के घर में मंडप बनाने का काम शुरू होने ही वाला था और हल्दी-मेंहदी की तैयारियां चल रही थीं। दूल्हा और दुल्हन दोनों ही पक्ष इस मिलन को लेकर उत्साहित थे। रिश्तेदारों को न्योता भेजा जा चुका था और घर में पकवान बनाने का सामान भी आ गया था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और खुशियों का यह माहौल अचानक मातम में तब्दील हो गया।
रिश्तेदारों की नाराजगी बनी तनाव का कारण
बताया जा रहा है कि इस सुसाइड के पीछे मायके पक्ष के कुछ करीबी रिश्तेदारों की नाराजगी मुख्य वजह थी। शादी की चर्चाओं के बीच मोनिका को पता चला कि उसके मायके के कुछ परिवार इस विवाह में शामिल नहीं हो रहे हैं। वे इस रिश्ते के खिलाफ थे और उन्होंने समारोह में आने से साफ इनकार कर दिया था। अपनों के इस तरह किनारा करने की बात मोनिका को भीतर तक चुभ गई। वह इस बात को लेकर काफी मानसिक दबाव महसूस कर रही थी कि उसकी विदाई के समय उसके अपने लोग साथ नहीं होंगे।
आखिरी रात नहीं किया था भोजन
परिजनों ने बताया कि घटना वाली रात मोनिका बेहद उदास और तनाव में दिख रही थी। घर के लोग उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसने किसी से ज्यादा बात नहीं की। उस रात उसने खाना खाने से भी मना कर दिया और चुपचाप अपने कमरे में चली गई। घरवालों ने सोचा कि शादी की घबराहट या थकान की वजह से वह ऐसा कर रही होगी और उसे आराम करने दिया। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह इतना आत्मघाती कदम उठाने के बारे में सोच रही है।
सुबह कमरे में फंदे से लटका मिला शव
अगली सुबह जब देर तक मोनिका के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को चिंता हुई। पहले उन्होंने आवाज दी और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांककर देखने पर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मोनिका अपने ही दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी हुई थी। घर में कोहराम मच गया और तुरंत ग्रामीणों को इसकी सूचना दी गई। मंडप के लिए रखी लकड़ियां और सजावट का सामान अब बेमानी हो चुका था।
पुलिस ने शुरू की मामले की बारीकी से जांच
ग्रामीणों की सूचना पर पत्थलगांव पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से उतारा। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि प्राथमिक तौर पर यह मामला मानसिक तनाव और पारिवारिक नाराजगी से जुड़ा लग रहा है। पुलिस अब उन रिश्तेदारों और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है जिनसे मोनिका की आखिरी बातचीत हुई थी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया था या यह केवल भावनात्मक ठेस का परिणाम था।



