
Premanand Maharaj Health Update: श्रीकृष्ण की पावन नगरी वृंदावन से एक बड़ी और श्रद्धालुओं को परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। देश-विदेश में विख्यात संत प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया है। तबीयत बिगड़ने के कारण महाराज जी ने अपनी सबसे प्रसिद्ध ‘रात्रि पदयात्रा’ को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही आश्रम प्रबंधन ने साफ किया है कि अब भक्तों को मिलने वाले उनके ‘एकांतिक दर्शन’ पर भी अगले आदेश तक पूरी तरह रोक रहेगी। इस सूचना के बाद देश के कोने-कोने से वृंदावन पहुंचे भक्तों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है।
तड़के 3 बजे जब पदयात्रा पर नहीं निकले महाराज, शिष्यों ने लाउडस्पीकर से की घोषणा
रोज की तरह रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु परिक्रमा मार्ग पर महाराज जी के दर्शन की आस लेकर खड़े थे। अमूमन तय समय के अनुसार तड़के 3 बजे जब प्रेमानंद महाराज अपनी कुटिया से बाहर नहीं आए, तो भक्तों के बीच फुसफुसाहट और चिंता बढ़ने लगी। इसके बाद स्थिति को संभालते हुए केली कुंज आश्रम के शिष्यों ने मोर्चा संभाला। शिष्यों ने सड़क पर खड़े जनसैलाब को लाउडस्पीकर के जरिए संबोधित किया और महाराज जी की अस्वस्थता की आधिकारिक जानकारी दी।
‘महाराज जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, सड़क पर भीड़ न लगाएं और अपने स्थान पर लौट जाएं’
आश्रम के सेवादारों ने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि महाराज जी का शारीरिक स्वास्थ्य इस समय पदयात्रा की अनुमति नहीं दे रहा है। इसी वजह से आज से उनकी नियमित रात्रि पदयात्रा रद्द की जा रही है। उन्होंने परिक्रमा मार्ग पर खड़े भक्तों से निवेदन किया कि वे सड़क किनारे कतारें लगाकर भीड़ न बढ़ाएं और शांतिपूर्वक अपने-अपने गंतव्य या कमरों की ओर लौट जाएं। इस अचानक हुए ऐलान के बाद दूर-दराज से आए हजारों भक्तों को बेहद मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
पिछले 21 सालों से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं संत, फिर भी नहीं टूटता था नियम
केली कुंज आश्रम प्रबंधन के सेवादारों के मुताबिक, संत प्रेमानंद महाराज पिछले 21 वर्षों से किडनी की गंभीर समस्या (क्रॉनिक किडनी डिजीज) से जूझ रहे हैं। उनकी दोनों किडनियां लंबे समय से काम नहीं कर रही हैं और वे नियमित रूप से डायलिसिस पर रहते हैं। इस अत्यधिक शारीरिक कष्ट के बावजूद महाराज जी भक्तों को दर्शन देने और उनके कल्याण के लिए अपने कड़े नियमों का पालन करते आ रहे थे। वे बिना नागा किए कड़ाके की ठंड, बरसात और भीषण गर्मी में भी रात को पैदल निकलते थे, लेकिन इस बार डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें विश्राम करना पड़ रहा है।
डेढ़ किलोमीटर की परिक्रमा में रोज उमड़ते हैं 20 हजार भक्त, वीकेंड पर संख्या होती है लाख पार
संत प्रेमानंद महाराज का दिनचर्या का नियम बेहद कड़ा है। वे हर दिन तड़के करीब 3 बजे अपने केली कुंज आश्रम से निकलते हैं और सौभरी वन स्थित नूतन केली कुंज तक जाते हैं। इस लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी को वे पैदल तय करते हैं। इस दौरान सड़क के दोनों किनारों पर रात के अंधेरे में भी करीब 20 हजार से ज्यादा भक्त केवल एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते हैं। शनिवार, रविवार और प्रमुख त्योहारों पर यह संख्या बढ़कर लाखों में पहुंच जाती है।
लाडली जी से जल्द स्वस्थ होने की गुहार लगा रहे हैं भावुक भक्त, वृंदावन में प्रार्थनाओं का दौर शुरू
महाराज जी के अस्वस्थ होने की खबर मिलते ही वृंदावन के अन्य संतों और भक्तों में उदासी छा गई है। बाराबंकी से अपने परिवार के साथ दर्शन करने पहुंचे राजू गुप्ता, पुष्पा गुप्ता और कृति गुप्ता ने बताया कि वे कई दिनों की योजना बनाकर महाराज जी के दर्शन की आस में आए थे। दर्शन न होने से वे दुखी जरूर हैं, लेकिन इस समय महाराज जी की सेहत सबसे जरूरी है। वृंदावन आए तमाम श्रद्धालु अब श्रीराधारानी (लाडली जी) के चरणों में बैठकर यही प्रार्थना कर रहे हैं कि महाराज जी को जल्द उत्तम स्वास्थ्य मिले और वे दोबारा भक्तों का मार्गदर्शन करने के लिए व्यासपीठ पर लौटें।



