
BJP MLA Ajay Chandrakar: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच का टकराव अब राज्य स्तर पर एक बड़े सियासी मुद्दे में बदल गया है। सरगुजा के सीतापुर में नायब तहसीलदार के साथ हुई कथित बदसलूकी के विरोध में पूरे प्रदेश के तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर चले गए हैं। इस प्रशासनिक गतिरोध को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने इस पूरे विवाद पर राजस्व अधिकारियों के संगठन को कहा है कि दबाव बनाने के बजाय यह देखें कि लक्ष्मण रेखा किसने लांघी सभी पक्षों को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर मर्यादा की सीमा किसने पार की है।
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों के सम्मान की बात
विधायक अजय चंद्राकर ने अधिकारियों के संगठन यानी यूनियन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अपनी मांगों को पूरी तरह स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी को पद से हटा देना या किसी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग करना एक अलग बात है, लेकिन यह समझना ज्यादा जरूरी है कि ऐसी अप्रिय घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं। चंद्राकर ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की अपनी एक गरिमा और साख होती है। प्रशासनिक अधिकारियों को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए और जनप्रतिनिधियों के मान-सम्मान का पूरा ख्याल रखना चाहिए।
सीतापुर की घटना से भड़का है प्रशासनिक अमला
BJP MLA Ramkumar Toppo Vs Tehsildar: इस पूरे विवाद की जड़ें सरगुजा जिले के सीतापुर में हुई एक घटना से जुड़ी हुई हैं। आरोप है कि स्थानीय भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके सहयोगियों ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ दुर्व्यवहार और कथित मारपीट की थी। इस घटना के बाद से ही राज्य भर के राजस्व अधिकारी बेहद आक्रोशित हैं। अधिकारियों ने शुरुआत में पुलिस प्रशासन से मुख्य आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी करने की मांग की थी। जब तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो अधिकारियों ने पहले सामूहिक अवकाश लिया, फिर कलमबंद हड़ताल की और अब वे अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन पर चले गए हैं जिससे तहसीलों का काम पूरी तरह ठप है।
हसदेव अरण्य मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
तहसीलदारों के विवाद के साथ-साथ अजय चंद्राकर ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत पर भी तीखा जुबानी हमला बोला। कांग्रेस द्वारा हसदेव मामले को उठाए जाने पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को सबसे पहले यह बताना चाहिए कि उनकी पिछली भूपेश बघेल सरकार ने इस क्षेत्र के लिए क्या-क्या निर्णय लिए थे। चंद्राकर ने मांग की कि कांग्रेस पार्टी को अपने पांच साल के शासनकाल के दौरान हसदेव अरण्य को लेकर उठाए गए तमाम कदमों और फाइलों के दस्तावेजों को जनता के सामने सार्वजनिक करना चाहिए, उसके बाद ही कोई नई राजनीति करनी चाहिए।



