
छत्तीसगढ़ के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति की सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। छात्रसंघ चुनाव को फिर से शुरू कराने की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने सोमवार को पूरे प्रदेश में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की अगुवाई में संगठन के कार्यकर्ताओं ने राज्य के 250 से अधिक महाविद्यालयों में अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। NSUI का कहना है कि प्रदेश में पिछले कई सालों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया रुकी हुई है, जिससे छात्रों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
2016 से लगा है ब्रेक: बंद पड़े हैं छात्र राजनीति के दरवाजे
छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी कॉलेजों में साल 2016 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं। NSUI कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव न होने की वजह से परिसरों में छात्रों की आवाज दबाई जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने कहा कि छात्रसंघ केवल राजनीति का अखाड़ा नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं को उठाने का एक सशक्त माध्यम होता है। चुनाव बंद होने से नए नेतृत्व को उभरने का मौका नहीं मिल रहा है और छात्र अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करने को मजबूर हैं।
लोकतांत्रिक अधिकारों की दुहाई: छात्रों को नहीं मिल रहा अपना मंच
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने तर्क दिया कि जब देश और प्रदेश में सरकारें चुनने के लिए नियमित रूप से चुनाव होते हैं, तो कॉलेजों में इसे क्यों रोका गया है। बिना छात्र प्रतिनिधियों के कॉलेजों में अनुशासन और विकास के कार्यों में छात्रों की भागीदारी शून्य हो गई है। छात्रों का कहना है कि फीस वृद्धि, स्कॉलरशिप में देरी और कैंपस की अन्य समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। एक निर्वाचित प्रतिनिधि न होने के कारण कॉलेज प्रबंधन अपनी मनमानी कर रहा है, जिससे आम छात्र खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
सरकार को सीधी चेतावनी: 6 तारीख तक का दिया अल्टीमेटम
NSUI ने राज्य सरकार को अपनी मांगें पूरी करने के लिए एक समयसीमा तय कर दी है। संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि 6 तारीख तक छात्रसंघ चुनाव बहाली का ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र बनाया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगले चरण में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों का घेराव किया जाएगा। सोमवार को हुए इस प्रदर्शन के दौरान कई जिलों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी देखने को मिली, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
कैंपस में बढ़ता आक्रोश: बड़े आंदोलन की तैयारी में जुटे छात्र
प्रदेशभर के कॉलेजों में ज्ञापन सौंपने के बाद अब NSUI अपनी अगली रणनीति बनाने में जुट गया है। संगठन का दावा है कि इस मांग को लेकर आम छात्रों का भी उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर जैसे प्रमुख केंद्रों में छात्र इकाई को सक्रिय कर दिया गया है। यदि सरकार चुनाव कराने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाती है, तो आने वाले दिनों में शैक्षणिक संस्थानों में कामकाज ठप होने की नौबत आ सकती है। फिलहाल सबकी नजरें शासन के अगले रुख पर टिकी हुई हैं।



