छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पूरी प्रक्रिया रद्द करने से कोर्ट का साफ इनकार

छत्तीसगढ़ पुलिस में कॉन्स्टेबल भर्ती को लेकर चल रहे विवाद पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने स्थिति साफ कर दी है। कोर्ट की सिंगल बेंच ने इस भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से निरस्त करने की मांग वाली याचिका को ठुकरा दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कुछ गड़बड़ियों की शिकायतों के आधार पर पूरी चयन सूची को शून्य घोषित करना उचित नहीं होगा। इस फैसले से उन हजारों उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है जिनका चयन हो चुका है और वे अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।

129 संदिग्ध उम्मीदवारों की होगी बारीकी से जांच

भर्ती में धांधली के आरोपों को देखते हुए हाईकोर्ट ने एक बीच का रास्ता निकाला है। अदालत ने प्रशासन को आदेश दिया है कि उन 129 उम्मीदवारों की पहचान कर उनकी गहन जांच की जाए जिन पर चयन में अनुचित साधन अपनाने का संदेह है। जांच के दौरान अगर इनमें से कोई भी अभ्यर्थी दोषी पाया जाता है तो केवल उसी का चुनाव रद्द किया जाएगा। कोर्ट ने साफ किया है कि बेगुनाह उम्मीदवारों को किसी भी तरह की सजा नहीं मिलनी चाहिए।

सीबीआई जांच की मांग को अदालत ने किया खारिज

याचिकाकर्ताओं ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई से कराने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने इस मांग पर विचार करने के बाद इसे नामंजूर कर दिया है। अदालत का मानना है कि वर्तमान साक्ष्यों और परिस्थितियों को देखते हुए मामले की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की जरूरत नहीं है। स्थानीय स्तर पर की जाने वाली जांच ही संदिग्धों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए पर्याप्त होगी।

चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता हुआ साफ

हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद अब भर्ती प्रक्रिया पर मंडरा रहे काले बादल छंट गए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में यह तर्क दिया है कि पूरी भर्ती को रद्द करने से उन अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक जाता जिन्होंने पूरी मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा पास की है। अब विभाग केवल विवादित नामों पर ध्यान केंद्रित करेगा और बाकी सफल उम्मीदवारों की जॉइनिंग की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगी।

दोषियों पर होगी कार्रवाई पर भर्ती प्रक्रिया रहेगी बरकरार

अदालत ने अपने फैसले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार या जालसाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां एक ओर पूरी भर्ती को बचा लिया गया है वहीं दूसरी ओर दोषियों के लिए रास्ते बंद कर दिए गए हैं। विभाग को निर्देशित किया गया है कि जांच की रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में होने वाली सरकारी भर्तियों की सुचिता और पारदर्शिता बनी रहे।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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