
Bhilai Steel Plant: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से मंगलवार को एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है। संयंत्र के पावर प्लांट-2 (PBS-2) में अचानक हुए एक जोरदार धमाके के बाद भीषण आग लग गई। टर्बाइन सेक्शन के 25 मेगावाट एरिया में हुए इस ब्लास्ट ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में धुएं का काला गुबार छा गया। हादसे के वक्त प्लांट में कई कर्मचारी तैनात थे जिन्होंने पीछे के रास्ते से भागकर अपनी जान बचाई। घटना की जानकारी मिलते ही संयंत्र प्रबंधन और सुरक्षा टीम मौके पर पहुंच गई।
टर्बाइन में ब्लास्ट से भड़की आग: केबल जले, मची भगदड़
हादसा उस समय हुआ जब प्लांट के भीतर काम सामान्य रूप से चल रहा था। अचानक टर्बाइन सेक्शन में एक धमाका हुआ और केबलों में आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वे करीब 10 फीट ऊपर तक उठ रही थीं। आग के कारण प्लांट के भीतर विजिबिलिटी कम हो गई जिससे वहां मौजूद कर्मियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रारंभिक जांच में भारी मात्रा में केबलों के जलने की पुष्टि हुई है जिससे करोड़ों के नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।
5 लोग जख्मी: एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर, घायलों का चल रहा इलाज
इस अग्निकांड में कुल पांच लोग घायल हुए हैं। इनमें भिलाई स्टील प्लांट के दो नियमित कर्मचारी और तीन ठेका श्रमिक शामिल हैं। घायलों में से एक बीएसपी कर्मचारी के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है जबकि अन्य चार लोगों को हल्की चोटें और धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई है। सभी घायलों को तुरंत प्लांट के भीतर स्थित मेडिकल यूनिट और उसके बाद मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
फायर ब्रिगेड ने पाया काबू: आधा दर्जन गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत
आग की सूचना मिलते ही बीएसपी के फायर डिपार्टमेंट की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां मौके पर रवाना कर दी गईं। दमकल कर्मियों ने करीब दो से तीन घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर पूरी तरह काबू पाया। प्लांट के उच्चाधिकारी भी घटनास्थल पर डटे रहे और राहत कार्य की निगरानी की। हालांकि आग बुझ चुकी है लेकिन एहतियात के तौर पर इलाके को अभी भी ठंडा (Cooling Process) किया जा रहा है ताकि दोबारा चिंगारी न भड़के।
जांच के घेरे में सुरक्षा इंतजाम: ब्लास्ट के कारणों का अब तक पता नहीं
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल आग लगने के कारणों को लेकर उठ रहा है। संयंत्र प्रबंधन ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि टर्बाइन में ब्लास्ट तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई मानवीय चूक थी। विभाग ने एक आंतरिक जांच कमेटी गठित कर दी है जो केबलिंग और टर्बाइन मेंटेनेंस की समीक्षा करेगी। कर्मचारी संगठनों ने सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
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