
Gangrel Dam Water Ambulance Service Dhamtari: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गंगरेल बांध के डूबान क्षेत्र में शुरू की गई वाटर एंबुलेंस सेवा सोमवार को एक मजदूर के लिए संजीवनी साबित हुई। बांध के बीच स्थित ठेमली आइलैंड पर काम कर रहे एक मजदूर के ऊपर अचानक सांप गिर गया जिससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद वाटर एंबुलेंस की मदद से समय रहते मजदूर को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। जिला प्रशासन की यह पहल अब उन सात पंचायतों के लिए उम्मीद की किरण बन गई है जो मुख्य मार्ग से कटे होने के कारण आपातकालीन समय में इलाज के लिए तरसते थे।
ठेमली आइलैंड पर हादसा, बोट के जरिए मिला त्वरित उपचार
सिरपुर निवासी शंकर कमार ठेमली आइलैंड में सड़क निर्माण कार्य में लगे थे। काम के दौरान अचानक एक सांप उनके ऊपर गिर गया। हालांकि सांप के काटने की पुष्टि नहीं हुई लेकिन शरीर पर गिरते ही शंकर के सिर में तेज जलन और घबराहट होने लगी। स्थिति को गंभीर देखते हुए ठेकेदार ने तुरंत गंगरेल ब्लू एडवेंचर टीम से संपर्क किया। वाटर एंबुलेंस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शंकर को आइलैंड से उठाया और पानी के रास्ते गंगरेल तट तक लाया। वहां से सड़क मार्ग वाली एंबुलेंस के जरिए उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया जहां अब उनकी हालत खतरे से बाहर है।
सात पंचायतों का सफर हुआ आसान, मरीजों के लिए सेवा बिल्कुल मुफ्त
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि बांध के डूबान क्षेत्र में स्थित सात पंचायतों के निवासियों को पहले धमतरी शहर पहुंचने में घंटों लग जाते थे। इस समस्या को दूर करने के लिए थर्ड पार्टी के माध्यम से यह वाटर एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। सोमवार को पहली बार किसी निर्माण स्थल से मरीज को रेस्क्यू करने के लिए इसका उपयोग हुआ। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बीमार लोगों के लिए यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी। आने वाले समय में छात्र और ग्रामीण भी एक मामूली शुल्क देकर आवाजाही के लिए इसका लाभ उठा सकेंगे जिससे उनकी घंटों की दूरी मिनटों में सिमट जाएगी।
समय पर इलाज मिलने से बची जान, प्रशासन की नई कार्ययोजना
पहले डूबान क्षेत्र से अस्पताल पहुंचने के लिए नाव और फिर लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ती थी जिसमें अक्सर देरी की वजह से मरीज की हालत बिगड़ जाती थी। वाटर एंबुलेंस के आने से अब रिस्पॉन्स टाइम काफी कम हो गया है। मरीज शंकर कमार ने अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ लेते हुए इस सेवा के लिए प्रशासन का आभार जताया है। कलेक्टर के अनुसार इस सफल रेस्क्यू के बाद अब वाटर एंबुलेंस के संचालन को और अधिक विस्तार दिया जाएगा ताकि आपात स्थिति में किसी भी ग्रामीण की जान समय पर इलाज न मिलने की वजह से न जाए। यह पहल पर्यटन के साथ-साथ जनसेवा का भी एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रही है।



