IMD Monsoon Forecast Arrival: समय से पहले दस्तक देगा मॉनसून: इस तारीख तक पहुंचने के संकेत, जानें आपके राज्य में कब होगी बारिश

IMD Monsoon Forecast Arrival: भीषण गर्मी और उमस झेल रहे देशवासियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मॉनसून 2026 को लेकर अपना ताजा अपडेट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपनी सामान्य रफ्तार से तेज चल रहा है और तय समय से पहले भारत के समुद्री क्षेत्रों में प्रवेश कर सकता है। अप्रैल और मई के महीने में देश के कई हिस्सों में हुई प्री-मानसून बारिश ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि इस बार मौसमी सिस्टम काफी सक्रिय है।

अंडमान-निकोबार में जल्द एंट्री: मौसम विभाग का नया अनुमान

Weather Update: आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, मॉनसून की पहली लहर 15 मई तक अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में प्रवेश कर सकती है। आमतौर पर मानसून यहां 20 मई के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी में बने विशेष दबाव के कारण यह करीब 5 दिन पहले दस्तक दे रहा है। यदि हवाओं का रुख इसी तरह अनुकूल बना रहा, तो जून के पहले हफ्ते से पहले ही मॉनसून केरल के तटों से टकरा जाएगा, जो खेती-किसानी और जल संचय के लिहाज से काफी अच्छा माना जा रहा है।

मानसून 2026 की संभावित समय सीमा

नीचे दी गई तालिका से समझिए कि इस साल मानसून के आगे बढ़ने की संभावित रफ्तार क्या रह सकती है:

क्षेत्र/पड़ावसामान्य तिथि2026 संभावित तिथिस्थिति
अंडमान-निकोबार20 मई15 मईसमय से पहले
केरल तट01 जून25-28 मईजल्द दस्तक
मध्य भारत15-20 जून10-15 जूनसक्रिय
औसत बारिश (LPA)87 सेमी80 सेमीसामान्य से कम

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ सिस्टम: क्यों तेज हुई रफ्तार?

IMD Alert: मानसून की इस तेज चाल के पीछे मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बना ‘लो प्रेशर एरिया’ और सक्रिय साइक्लोनिक सिस्टम है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 16 मई तक मानसून अंडमान के पूरे समुद्री क्षेत्र को कवर कर लेगा। पिछले साल 2025 में भी मॉनसून ने 13 मई को ही अंडमान में एंट्री ले ली थी। इस साल भी वैसी ही अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। हालांकि, मॉनसून की जल्दी एंट्री का मतलब यह नहीं है कि पूरे सीजन में भारी बारिश होगी, क्योंकि बीच-बीच में हवाओं के दबाव में बदलाव संभव है।

अल नीनो का साया: औसत से कम बारिश की आशंका

जल्द आने की खुशखबरी के साथ ही आईएमडी ने एक चिंताजनक अपडेट भी साझा किया है। प्रशांत महासागर में ‘अल नीनो’ की स्थिति दोबारा उभरने लगी है। अल नीनो के कारण अक्सर भारत में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं। विभाग का अनुमान है कि इस साल देश में औसत एलपीए (Long Period Average) बारिश करीब 80 सेंटीमीटर रह सकती है, जबकि सामान्य औसत 87 सेंटीमीटर का होता है। इसका मतलब है कि देश के कुछ हिस्सों में इस बार सूखे जैसी स्थिति या कम बारिश देखने को मिल सकती है।

तटीय राज्यों के लिए भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

मानसून की शुरुआती तेजी को देखते हुए केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे तटीय राज्यों में प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि मॉनसून के आगमन के साथ ही तेज आंधी, बिजली कड़कने और मूसलाधार बारिश की घटनाएं बढ़ेंगी। उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में भी जून के दूसरे सप्ताह तक प्री-मॉनसून गतिविधियां जोर पकड़ लेंगी। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खेती की तैयारी शुरू करने से पहले मौसम विभाग की जिलावार एडवाइजरी का पालन जरूर करें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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