मैट्स यूनिवर्सिटी योग विभाग का मुंगेर आश्रम में शैक्षणिक भ्रमण: योग, अनुशासन और साधना का अद्भुत संगम

शारीरिक शिक्षा एवं योग विभाग द्वारा योग विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं व्यावहारिक ज्ञान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। यह अध्ययन यात्रा बिहार के मुंगेर स्थित विश्वप्रसिद्ध बिहार योग विद्यालय में सम्पन्न हुई, जो विश्वभर में योग, ध्यान एवं आध्यात्मिक साधना के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विख्यात है। इस भ्रमण में मैट्स यूनिवर्सिटी के योग विभाग के विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह और जिज्ञासा के साथ भाग लिया।

यह छः दिवसीय यात्रा विद्यार्थियों के लिए केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक और आत्मानुभूति से भरपूर अनुभव सिद्ध हुई। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने आश्रम की अनुशासित एवं सादगीपूर्ण जीवनशैली को निकट से देखा और समझा। उन्होंने दैनिक दिनचर्या में प्रातःकालीन योगाभ्यास, ध्यान, प्राणायाम तथा सत्संग में भाग लेकर योग के व्यावहारिक पक्ष का अनुभव प्राप्त किया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को योग के विभिन्न आयामों—हठयोग, राजयोग, कर्मयोग एवं ज्ञानयोग—के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आश्रम में आयोजित विशेष सत्रों में योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समझाया गया। विद्यार्थियों ने आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए 5D वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से मानव शरीर पर योग के प्रभाव, चक्रों की सक्रियता तथा ऊर्जा प्रवाह के रहस्यों को भी समझा, जिससे उनका ज्ञान और अधिक गहन हुआ।

भ्रमण का एक विशेष आकर्षण प्रसिद्ध योग गुरु स्वामी निरंजनानंद सरस्वती से भेंट रहा। उनके प्रेरणादायक विचारों और सरल जीवनदर्शन ने विद्यार्थियों को अत्यधिक प्रभावित किया। उन्होंने योग को केवल शारीरिक व्यायाम न मानकर एक जीवनशैली के रूप में अपनाने का संदेश दिया। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास हुआ।

इस शैक्षणिक यात्रा के अंतर्गत विद्यार्थियों ने रिखिया पीठ, देवघर, झारखण्ड का भी भ्रमण किया, जो एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थल है। यहाँ उन्होंने परमहंस स्वामी सत्यानंद सरस्वती की समाधि स्थल के दर्शन किए। इस स्थान की आध्यात्मिक ऊर्जा और शांत वातावरण ने विद्यार्थियों को आंतरिक शांति, एकाग्रता और आत्मिक संतुलन का अनुभव कराया। यह अनुभव उनके जीवन में दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ने वाला सिद्ध हुआ।

इस भ्रमण में कुल 21 विद्यार्थियों के साथ दो प्राध्यापको ने सहभागिता की। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में अनुशासन, सहयोग और सीखने की गहरी उत्सुकता देखने को मिली। उन्होंने न केवल योग के सिद्धांतों को समझा, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।

इस सफल आयोजन के पीछे विश्वविद्यालय प्रशासन का विशेष योगदान रहा। माननीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) के. पी. यादव, महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया, कुलसचिव श्री गोकुलानंद पांडा तथा विभागाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन, सहयोग और शुभकामनाओं से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका। उनके प्रेरणादायक नेतृत्व ने इस यात्रा को ज्ञानवर्धक, सुव्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण बनाया।

भ्रमण के दौरान विभाग के प्राध्यापकगण—डॉ. योगेश कुमार साहू, डॉ. राघव कुमार वर्मा, ने विद्यार्थियों का सतत मार्गदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रत्येक गतिविधि में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया, जिससे यह भ्रमण और भी प्रभावशाली बन गया।

संकाय सदस्यों के अनुसार, इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह न केवल उनके शैक्षणिक ज्ञान को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन के लिए भी तैयार करते हैं। साथ ही, ऐसे अनुभव विद्यार्थियों में सांस्कृतिक जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना को भी विकसित करते हैं।

विद्यार्थियों ने इस यात्रा को अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक एवं अविस्मरणीय बताया। उनके अनुसार, यह भ्रमण उनके जीवन में एक नया दृष्टिकोण लेकर आया, जिसने उन्हें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनने की प्रेरणा दी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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