Dhamtari Fertilizer Black Marketing: धमतरी में कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई: खाद की कालाबाजारी करने वालों पर कसेगा शिकंजा, लापरवाही पर स्वास्थ्य अफसरों को थमाया शो-कॉज नोटिस

Dhamtari Fertilizer Black Marketing: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रशासनिक काम-काज की समीक्षा और पेंडिंग मामलों को निपटाने के लिए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने समय-सीमा (टीएल) की एक अहम बैठक ली। जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन की प्राथमिक योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी गई। कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के कामकाज में ढिलाई बरतने वाले अफसरों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने साफ किया कि जनता से जुड़े मामलों में लेत-लतीफी और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह ठाकुर समेत जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।

खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर होगी जेल की कार्रवाई, छोटे किसानों का रखा जाएगा ध्यान

खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही जिले में रासायनिक खादों की मांग बढ़ गई है। इसे देखते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में निरंतर छापेमारी करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कृषि अफसरों से अब तक दुकानों पर की गई औचक जांच और जारी किए गए कारण बताओ नोटिस की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सहकारी समितियों और निजी दुकानों में खाद के भंडारण, उठान और वितरण की पल-पल की जानकारी रखी जाए। ग्रामीण इलाकों में खाद की जमाखोरी करने वाले बिचौलियों पर सख्त कानूनी एक्शन लिया जाएगा ताकि छोटे और सीमांत किसानों को समितियों से आसानी से यूरिया और डीएपी मिल सके।

स्वास्थ्य विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली पर भड़के कलेक्टर, लापरवाह सीएचओ और आरएचओ को नोटिस जारी

जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य अमले की गंभीर लापरवाही सामने आई। सरकार द्वारा तय किए गए दस प्रमुख स्वास्थ्य पैमानों पर जिले की प्रगति बेहद खराब पाई गई। इन प्रमुख बिंदुओं की स्थिति असंतोषजनक रही:

  • हाइपरटेंशन और शुगर के मरीजों की समय पर जांच न होना।
  • सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में कमी।
  • हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं और एनीमिया से पीड़ित मरीजों की पहचान में ढिलाई।
  • कैंसर स्क्रीनिंग, फॉलोअप पंजीयन और मेंटल हेल्थ स्क्रीनिंग की सुस्त रफ्तार।

इस खराब प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) और रूरल हेल्थ ऑपरेटर (आरएचओ) को तत्काल प्रभाव से कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान और स्वास्थ्य विभाग की 100 दिवसीय कार्ययोजना की भी बारीकी से समीक्षा की।

राजस्व मामलों की पेंडिंग फाइलों पर तहसीलदारों की क्लास, ई-कोर्ट और संयुक्त खातों के वेरिफिकेशन के निर्देश

जमीन से जुड़े विवादों और राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को फटकार लगाई। उन्होंने एग्री स्टैक योजना के तहत संयुक्त खातों के भौतिक सत्यापन के लिए राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को गांवों में सक्रिय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों से ई-कोर्ट में समय-सीमा से बाहर चल रहे मुकदमों की सूची मांगी और देरी के मुख्य कारणों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा। इसके साथ ही भूमि डायवर्जन, सीमांकन और नामांतरण से जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत लंबित पड़े आवेदनों को मिशन मोड में निपटाने की समय-सीमा तय की गई।

अधोसंरचना विकास के अधूरे निर्माण कार्यों की समीक्षा, तय वक्त पर प्रोजेक्ट पूरे करने की चेतावनी

बैठक के अंतिम चरण में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), जल संसाधन विभाग और क्रेडा के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़कों और पुल-पुलियों के जो भी प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं, उन्हें बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही तकनीकी गुणवत्ता के साथ पूरा कर लिया जाए। इसके साथ ही, पटवारियों और प्राचार्यों को पूर्व में दिए गए विभागीय निर्देशों पर क्या प्रगति हुई है, इसकी भी समीक्षा की गई। अफसरों को सख्त हिदायत दी गई कि निर्माण कार्यों में देरी होने पर संबंधित ठेकेदारों के साथ-साथ जिम्मेदार इंजीनियरों पर भी वित्तीय पेनाल्टी लगाई जाएगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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