गांव में ही मिलेगी तकनीकी शिक्षा: विधायक अजय चंद्राकर के पहल से जी-जामगांव में खुलेगा आईटीआई, 7 पदों के सृजन हेतु मिली मंजूरी

छत्तीसगढ़ के कुरुद विधानसभा के अंतर्गत आने वाले ग्राम जी-जामगांव के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से चली आ रही तकनीकी शिक्षा की मांग अब पूरी होने जा रही है। कुरुद विधायक अजय चंद्राकर की सक्रिय पहल के बाद कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग ने जी-जामगांव में नवीन आईटीआई (ITI) संस्थान की स्थापना के लिए पदों के सृजन की आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। इस फैसले से न केवल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि ग्रामीण अंचल के छात्र-छात्राओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार भी खुलेंगे।

7 नए पदों को हरी झंडी: प्राचार्य से लेकर प्रशिक्षकों की होगी नियुक्ति

नए आईटीआई संस्थान के सुचारू संचालन के लिए विभाग ने कुल 07 पदों की मंजूरी दी है। इसमें प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तर के पद शामिल हैं। स्वीकृत पदों में एक प्राचार्य (वर्ग-2), इलेक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक के दो प्रशिक्षण अधिकारी, एक सहायक ग्रेड-3, एक कर्मशाला सहायक और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद रखे गए हैं। इन पदों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है, जिससे संस्थान में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में सीखने का मौका मिलेगा।

आधुनिक ट्रेड की पढ़ाई: इलेक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक जैसे कोर्स होंगे शामिल

जी-जामगांव आईटीआई की सबसे बड़ी खूबी यहां शुरू होने वाले आधुनिक पाठ्यक्रम हैं। विभाग ने बदलते समय की मांग को देखते हुए ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ जैसे एडवांस ट्रेड को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा छात्र यहां कंप्यूटर ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, डीजल मैकेनिक, सोलर तकनीक, फिटर, वेल्डर और स्टेनो जैसे क्षेत्रों में हुनरमंद बन सकेंगे। इन तकनीकी कौशलों को सीखकर ग्रामीण युवा सीधे तौर पर उद्योगों की जरूरतों के लिए तैयार हो जाएंगे।

घर के पास मिलेगी शिक्षा: अब नहीं जाना होगा शहर

ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर प्रतिभा की कमी नहीं होती, लेकिन संसाधनों के अभाव में युवा पीछे रह जाते हैं। जी-जामगांव में आईटीआई खुलने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के लिए बड़े शहरों या दूर-दराज के केंद्रों के चक्कर नहीं काटने होंगे। अपने ही गांव के पास पढ़ाई की सुविधा मिलने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का खर्च कम होगा। साथ ही, छात्राओं के लिए भी घर के पास सुरक्षित माहौल में शिक्षा प्राप्त करना आसान हो जाएगा।

आत्मनिर्भर बनेगा जी-जामगांव: स्वरोजगार के बढ़ेंगे अवसर

आईटीआई से प्राप्त तकनीकी शिक्षा युवाओं को केवल नौकरी के लिए ही तैयार नहीं करती, बल्कि उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के काबिल भी बनाती है। फिटर, वेल्डर या इलेक्ट्रिशियन का कोर्स पूरा करने के बाद युवा खुद की वर्कशॉप या सर्विस सेंटर खोल सकेंगे। इससे जी-जामगांव और आसपास के गांवों की स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी सुधार आएगा। जब गांव का युवा हुनरमंद होगा, तो पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएगा।

अभिभावकों में खुशी की लहर: विधायक का जताया आभार

इस बड़ी उपलब्धि के बाद क्षेत्र के अभिभावकों और छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। कुरुद विधायक अजय चंद्राकर द्वारा सतत किए गए प्रयासों की सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि विधायक जी ने ग्रामीण युवाओं की नब्ज को समझा और उनके लिए एक ऐसा मंच तैयार किया जो आने वाली पीढ़ियों की किस्मत बदल देगा। ग्राम पंचायत स्तर पर भी इस सौगात के लिए धन्यवाद ज्ञापित करने की तैयारी चल रही है।

आईटीआई की स्थापना के साथ ही जी-जामगांव अब आसपास के दर्जनों गांवों के लिए तकनीकी शिक्षा का केंद्र (हब) बनकर उभरेगा। यह संस्थान केवल एक इमारत नहीं, बल्कि प्रगति का वह जरिया है जिससे ग्रामीण अंचल में कौशल क्रांति आएगी। सरकार की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि अगर जनप्रतिनिधि संवेदनशील हों, तो विकास की गंगा सबसे दूरस्थ गांवों तक भी पहुंच सकती है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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