CG Saree Scam: साड़ी घोटाला: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलीं घटिया साड़ियां, जांच में पुष्टि के बाद सरकार ने वापस मंगाया स्टॉक

CG Saree Scam: छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बांटी गई साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर चल रहा विवाद अब सच साबित हो गया है। विभागीय जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि वितरित की गई साड़ियां घटिया दर्जे की हैं। इस रिपोर्ट के सामने आते ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग की संचालक ने प्रदेश के सभी जिलों को आधिकारिक पत्र लिखकर खराब साड़ियों को तुरंत वापस मंगाने के आदेश जारी किए हैं। सरकार की कोशिश है कि इस पूरे स्टॉक को बदलकर जल्द से जल्द गुणवत्तायुक्त यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाए।

अधिकांश जिलों से सामने आई खराब गुणवत्ता की बात

यूनिफॉर्म वितरण के कुछ समय बाद ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से साड़ियों को लेकर शिकायतें मिलने लगी थीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें जो साड़ियां दी गई हैं, वे पहनने लायक नहीं हैं। शिकायतों का अंबार लगने के बाद संचालनालय स्तर पर इसकी गहन पड़ताल की गई। जांच में पाया गया कि कई जिलों में बांटी गई साड़ियों का कपड़ा बेहद हल्का है। इस मामले के तूल पकड़ते ही विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दखल दिया और गुणवत्ताहीन साड़ियों को वापस लेने के निर्देश दिए।

एक हफ्ते के भीतर जानकारी देने का अल्टीमेटम

महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक रेणुका श्रीवास्तव ने सभी जिला परियोजना अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है। उन्होंने आदेश दिया है कि खराब साड़ियों को वापस इकट्ठा किया जाए और उनकी सटीक संख्यात्मक जानकारी एक सप्ताह के भीतर मुख्यालय को भेजी जाए। विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि जो जिले समय सीमा के भीतर डेटा उपलब्ध कराएंगे, केवल वहीं साड़ियां बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निर्धारित समय में जानकारी न देने वाले जिलों के बारे में यह मान लिया जाएगा कि वहां की साड़ियों में कोई खराबी नहीं है।

खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के काम पर उठे सवाल

आंगनबाड़ी सेवाओं के तहत यूनिफॉर्म वितरण की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को दी गई थी। वर्ष 2025-26 के लिए बोर्ड ने साड़ियों की सप्लाई की थी। शिकायतों के मुताबिक कई साड़ियों की लंबाई तय मानकों से काफी कम पाई गई और उनकी बुनाई भी बेहद खराब थी। संचालनालय की जांच समिति ने इन तकनीकी खामियों को सही पाया है। अब खादी ग्रामोद्योग बोर्ड को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे दोषपूर्ण साड़ियों के बदले मानक के अनुरूप नई और बेहतर साड़ियां विभाग को सौंपें।

जिला अधिकारियों को स्टॉक सुरक्षित रखने के निर्देश

विभागीय आदेश के बाद जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारियों और परियोजना अधिकारियों ने फील्ड स्तर पर काम शुरू कर दिया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे कार्यकर्ताओं से साड़ियां वापस लेकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर जमा करें। इन साड़ियों के वापस आने के बाद उनकी गिनती की जाएगी और मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही इन्हें बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। शासन की इस कार्रवाई से उन लापरवाह एजेंसियों में हड़कंप है जिन्होंने सरकारी सप्लाई में खराब सामान खपाने की कोशिश की थी।

जवाबदेही और गुणवत्ता पर प्रशासन का जोर

इस पूरे मामले ने सरकारी खरीद और वितरण प्रणाली की खामियों को उजागर कर दिया है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में ऐसी घटना न हो। विभाग का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का काम बहुत महत्वपूर्ण है और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि खादी ग्रामोद्योग बोर्ड कितनी जल्दी नई साड़ियों की खेप उपलब्ध कराता है ताकि कार्यकर्ताओं को उनकी नई यूनिफॉर्म मिल सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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